मथुरा नाव हादसा
मथुरा में यमुना नदी में बड़ा हादसा: 10 श्रद्धालुओं की मौत, 5 अभी भी लापता
उत्तर प्रदेश के मथुरा में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें लुधियाना से आए श्रद्धालुओं से भरी नाव यमुना नदी में पलट गई। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग अभी भी लापता हैं। पुलिस और गोताखोरों की टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है, और राहत कार्य जारी है।
हादसे की पूरी जानकारी
शुक्रवार को पंजाब के लुधियाना से 30 श्रद्धालु वृंदावन दर्शन करने आए थे। वे यमुना नदी के भ्रमण के लिए नाव में सवार हुए थे। दोपहर करीब पौने तीन बजे, तेज हवा के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया, और वह पैंटून पुल से टकराकर पलट गई। नाव के पलटने के साथ ही सभी श्रद्धालु नदी में गिर गए और पानी में डूबने लगे। घटना के बाद, पास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े, जबकि पुलिस और गोताखोरों ने भी राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
राहत और बचाव कार्य
गोताखोरों ने अब तक 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। वहीं, 10 लोगों के शव नदी से बरामद किए गए हैं। 5 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए रातभर राहत कार्य जारी रखा गया। हादसे के बाद मथुरा प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को घटनास्थल पर भेजा।
अधिकारियों का बयान
मथुरा के एसडीएम ऋतु सिरोही ने बताया कि हादसे की वजह ओवरलोड था, यानी नाव पर अधिक लोग सवार थे, जिसकी वजह से नाव का संतुलन बिगड़ गया और यह पलट गई।
डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि गोताखोरों की मदद से राहत कार्य चल रहा है और एनडीआरएफ तथा सेना को भी बुलाया गया है। अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है और सभी घायलों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।
सीएम योगी का संज्ञान
मथुरा हादसे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही, सीएम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाकर उनका इलाज कराने का आदेश दिया है।
हादसे का कारण: ओवरलोड और तेज हवा
मथुरा में यह घटना तब हुई जब मौसम की वजह से नाव का संतुलन बिगड़ गया। स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि नाव पर अधिक लोग सवार थे, जिससे दुर्घटना हुई। एसडीएम ने इस बात की पुष्टि की कि नाव ओवरलोड थी, और यही वजह थी कि यह दुर्घटना घटी।