ऑनलाइन सट्टा
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में T-20 वर्ल्ड कप के दौरान संचालित हो रहे एक बड़े ऑनलाइन सट्टा रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और कबीर नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 17 लाख रुपये नकद समेत कुल लगभग 19.70 लाख रुपये का मशरुका जब्त किया है।
कैसे हुआ खुलासा?
11 फरवरी 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि कबीर नगर थाना क्षेत्र के फेस-02 तिरंगा चौक के पास कुछ लोग ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चला रहे हैं।
तत्काल कार्रवाई करते हुए:
- एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने दबिश दी
- चार आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया
- मौके से मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए गए
आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 और 112(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ऐसे चलता था पूरा खेल
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी:
- ramco777.com
- wood777.com
- powerexch.com
जैसी ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट्स पर मास्टर आईडी बनाते थे।
काम करने का तरीका:
- खिलाड़ियों को कमीशन पर आईडी बेचना
- हार-जीत के आधार पर प्रतिशत लेना
- लेन-देन के लिए “म्यूल खातों” का उपयोग
ये म्यूल खाते किराये पर लिए गए थे। पुलिस अब इन खाताधारकों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
कौन है मास्टरमाइंड?
गिरफ्तार आरोपियों में ओम खेमानी का नाम सामने आया है, जो एक यूट्यूबर के भाई बताए जा रहे हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:
- ओम खेमानी पहले थाना आमानाका क्षेत्र में सट्टा मामले में जेल जा चुका है
- दीपक सचदेवा थाना खम्हारडीह क्षेत्र में पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है
इसके बावजूद आरोपियों ने दोबारा अवैध गतिविधियां शुरू कर दीं।
क्या-क्या हुआ जब्त?
पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद किया:
- 17 लाख रुपये नकद
- 7 मोबाइल फोन
- 4 बैंक पासबुक
- 1 चेकबुक
- 27 एटीएम/क्रेडिट/डेबिट कार्ड
जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 19.70 लाख रुपये आंकी गई है।
2026 में अब तक की बड़ी कार्रवाई
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने इस साल ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया है।
अब तक की उपलब्धियां:
- 3 अलग-अलग मामलों में 14 आरोपी गिरफ्तार
- 1.04 करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी जब्त
- 2 लैपटॉप
- 27 मोबाइल फोन
- 4 चारपहिया वाहन
- कुल जब्त संपत्ति लगभग 1.92 करोड़ रुपये
पुलिस का सख्त संदेश
अधिकारियों का कहना है कि:
- ऑनलाइन सट्टा खेलने वाले ग्राहकों की भी पहचान की जा रही है
- डिजिटल लेन-देन की निगरानी बढ़ाई गई है
- अवैध सट्टा नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी