अवैध साल लकड़ी जप्त
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चेरा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध साल लकड़ी बरामद
रामानुजगंज। वन परिक्षेत्र धमनी अंतर्गत ग्राम चेरा में वन विभाग ने अवैध साल लकड़ी के परिवहन को रोकने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की है। एस.डी.एम. रामानुजगंज से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने साल लकड़ी से भरे पिकअप वाहन को जप्त किया।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सुबह लगभग 5 बजे हुई। एस.डी.एम. की टीम ने अवैध धान और लकड़ी के परिवहन के संदेह में पिकअप वाहन क्रमांक UP 64 CT 6598 का पीछा किया। पीछा किए जाने पर वाहन चालक मौके से फरार हो गया और पिकअप को ग्राम चेरा निवासी श्रवण यादव के घर के पास खड़ा छोड़कर भाग गया।
जप्त लकड़ी और वाहन का विवरण
जांच के दौरान पिकअप से साल लकड़ी के 5 लठ्ठे बरामद किए गए, जिनकी कुल मात्रा 1.909 घन मीटर है। वन विभाग ने जप्त वाहन की अनुमानित कीमत 7,00,000 रुपये और जप्त वनोपज का मूल्य 80,000 रुपये आंका है।
वन विभाग ने जप्त लकड़ी और वाहन को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1)(क), धारा 41(3), मध्य प्रदेश अभिवहन (वनोपज) नियम 2000 के नियम 3 और मध्य प्रदेश व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 की धारा 5(1) के तहत जप्त कर राजसात की कार्यवाही प्रस्तावित की है। मामला अब विवेचना में है।
वन विभाग की सक्रिय भूमिका और स्थानीय सहयोग
इस कार्रवाई में वन विभाग के अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसमें शामिल थे:
- सुरेश यादव (परिक्षेत्र सहायक, डिण्डो)
- मनदेव प्रसाद गुप्ता (वनरक्षक, परिसर डिण्डो)
साथ ही स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग भी सराहनीय रहा।
डीएफओ आलोक कुमार बाजपेई ने बताया,
“वन क्षेत्र में अवैध कटाई और परिवहन के विरुद्ध विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। जप्त वाहन और वनोपज को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
🌳 अवैध लकड़ी कटाई की गंभीरता
विशेषज्ञों के अनुसार, साल लकड़ी की अवैध कटाई न केवल वन संपदा को नुकसान पहुंचाती है बल्कि पारिस्थितिक तंत्र और स्थानीय जैव विविधता पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग की सतत निगरानी, स्थानीय समुदाय की भागीदारी और प्रशासनिक सहयोग अनिवार्य है।