पोहा मिलर्स से 1.70 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई

बलौदाबाजार। जिले के भाटापारा क्षेत्र में पोहा व्यवसाय से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यवसायी से 429 टन 69 किलोग्राम पोहा खरीदकर उसकी कुल बिक्री राशि ₹1,70,27,960 हड़प ली। यह राशि दोनों आरोपियों ने स्वयं उपभोग में ले ली, और पीड़ित व्यवसायी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

■ प्रकरण का संक्षिप्त विवरण:

मामला भाटापारा के नामचीन पोहा मिलर्स से जुड़ा है, जहां वर्षों से व्यापारिक लेनदेन हो रहे थे। आरोपियों ने पीड़ित व्यवसायी से पोहा खरीदने के लिए विश्वास का लाभ उठाते हुए माल तो उठा लिया, लेकिन उसकी राशि का भुगतान नहीं किया। यह धोखाधड़ी किसी एक-दो ट्रक माल तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे 429.69 टन पोहा की थी, जिसकी बाजार में अनुमानित कुल कीमत ₹1.70 करोड़ से अधिक आंकी गई है।

पीड़ित व्यवसायी को जब समय पर भुगतान नहीं मिला, तो उसने पहले निजी स्तर पर कई बार संपर्क कर पैसे की मांग की। परंतु, आरोपी टालमटोल करते रहे और विभिन्न बहानों से भुगतान में देरी करते रहे। अंततः पीड़ित ने मामला भाटापारा पुलिस थाने में दर्ज कराया।

■ आरोपियों के नाम और विवरण:

बलौदाबाजार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

आरोपी क्रमांक 01: नाम – [नाम गोपनीय], उम्र – लगभग 38 वर्ष, व्यवसाय – अनाज व्यापारी, निवासी – भाटापारा।

आरोपी क्रमांक 02: नाम – [नाम गोपनीय], उम्र – लगभग 42 वर्ष, व्यवसाय – फर्म संचालक, निवासी – भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र।

दोनों आरोपी लंबे समय से खाद्य सामग्री के थोक व्यापार से जुड़े हुए हैं और इलाके में सक्रिय रूप से व्यापार करते रहे हैं। इन पर पहले से भी कुछ बकाया विवादों की जानकारी पुलिस को मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।

■ जांच की दिशा और पुलिस की कार्यवाही:

भाटापारा पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करते ही विवेचना प्रारंभ की। आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि इन्होंने माल उठाने के बाद बिक्री कर दी और प्राप्त रकम का उपयोग निजी खर्चों में कर लिया। न तो माल की रकम चुकाई गई और न ही किसी प्रकार की वैध लिखित सहमति थी जो भुगतान को टाल सके।

पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया, जिसमें आर्थिक अपराधों की जांच में दक्ष अधिकारी शामिल किए गए। आरोपियों के निवास, कार्यालय, और गोदाम में तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज, लेनदेन की रसीदें, और डिजिटल लेज़र भी जब्त किए गए हैं।

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