अवैध खनन
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अवैध खनन और खनिजों के गैरकानूनी परिवहन पर बड़ा प्रहार किया गया है। जगदलपुर में खनिज विभाग ने विशेष अभियान चलाकर पिछले 9 दिनों के भीतर 16 वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई में रेत, चूना पत्थर और लाल ईंट का अवैध उत्खनन और परिवहन करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसा गया।
यह अभियान प्रशासन की सख्ती और खनिज संसाधनों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
किन-किन वाहनों पर हुई कार्रवाई?
जांच दल ने अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश देकर निम्न वाहन जब्त किए:
- ट्रैक्टर
- हाइवा
- टिप्पर
- चेन माउंटेड पोकलेन मशीन
इन वाहनों के जरिए अवैध रूप से रेत, चूना पत्थर और ईंट का परिवहन किया जा रहा था।
किन क्षेत्रों में चला अभियान?
कार्रवाई के दौरान जिन क्षेत्रों से वाहन गुजरते पाए गए, उनमें शामिल हैं:
- ग्राम कंगोली
- परपा
- बालेंगा
- लालबाग
- पल्लीनाका
इसके अलावा मूतनपाल क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन करते हुए एक पोकलेन मशीन को मौके पर ही जब्त किया गया और पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया।
किन धाराओं के तहत कार्रवाई?
खनिज विभाग ने सभी 16 मामलों में सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए हैं:
- छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 का नियम 71
- खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21
इन धाराओं के तहत भारी जुर्माना और दंड का प्रावधान है।
क्यों बढ़ रहा है अवैध खनन?
विशेषज्ञों के अनुसार अवैध खनन के पीछे मुख्य कारण हैं:
- निर्माण कार्यों में रेत और पत्थर की बढ़ती मांग
- त्वरित मुनाफे की लालच
- निगरानी की कमी का फायदा
अवैध खनन न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंचाता है।
प्रशासन का सख्त संदेश
खनिज विभाग ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
- नियमित गश्त और निगरानी
- संदिग्ध वाहनों की जांच
- दोषियों पर कठोर दंड
प्रशासन का उद्देश्य है कि प्राकृतिक संसाधनों का दोहन नियमों के तहत ही हो और अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाया जाए।