धान घोटाले पर बड़ा एक्शन! रातों-रात छापेमारी, 217 बोरी धान और पिकअप जब्त, मचा हड़कंप

धान घोटाला


महासमुंद में धान घोटाले पर प्रशासन का सख्त प्रहार

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में धान घोटाले को लेकर प्रशासन ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिलेभर में अवैध धान परिवहन, खरीदी और भंडारण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में बीती रात संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 217 बोरी धान और एक पिकअप वाहन जब्त किया, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।


रात में चली संयुक्त टीम की कार्रवाई

प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान:

  • बिना वैध दस्तावेजों के धान परिवहन
  • अवैध रूप से धान का भंडारण
  • नियमों को ताक पर रखकर धान की खरीद

जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।


बसना: बिना दस्तावेज 80 कट्टा धान जब्त

बसना विकासखण्ड के ग्राम कुरचुंडी में कार्रवाई के दौरान:

  • अवैध रूप से ले जाए जा रहे 80 कट्टा धान जब्त किए गए
  • परिवहन के लिए कोई वैध कागजात मौजूद नहीं थे
  • मौके पर ही नियमानुसार कार्रवाई की गई

यह स्पष्ट संकेत है कि कुछ लोग अभी भी नियमों को नजरअंदाज कर अवैध धान परिवहन में लिप्त हैं।


पिथौरा: गोदाम में छिपाकर रखा गया धान पकड़ा गया

पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम भुरकोनी में प्रशासन ने बड़ी छापेमारी की। यहां:

  • संजय अग्रवाल के गोदाम में
  • 137 बोरी धान अवैध रूप से संग्रहित पाया गया
  • भंडारण से संबंधित कोई वैध अनुमति नहीं थी

जब्त धान को आगे की कार्रवाई के लिए मंडी अधिनियम के तहत मंडी सचिव को सुपुर्द कर दिया गया है।


बागबाहरा: अवैध धान से भरी पिकअप जब्त

तीसरी बड़ी कार्रवाई बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम शिकारिपाली-तेंदूकोना क्षेत्र में हुई, जहां:

  • अवैध धान से भरी एक पिकअप वाहन पकड़ी गई
  • धान का परिवहन गैरकानूनी तरीके से किया जा रहा था
  • वाहन को जब्त कर संबंधित प्रकरण दर्ज किया गया

प्रशासन का स्पष्ट संदेश: बर्दाश्त नहीं होगा धान घोटाला

जिला प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि:

  • अवैध धान खरीदी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं
  • गैरकानूनी भंडारण और परिवहन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
  • दोषियों पर आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई तय है

कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को सतत निगरानी और लगातार छापेमारी के निर्देश दिए हैं।


किसानों के हित में कार्रवाई

प्रशासन का मानना है कि धान घोटाला सीधे तौर पर:

  • ईमानदार किसानों के हक पर डाका
  • समर्थन मूल्य व्यवस्था को नुकसान
  • सरकारी राजस्व की क्षति

करता है। इसी कारण इस तरह की कार्रवाइयों को और तेज किया जाएगा।

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