Rice mill black listed
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बैकुंठपुर।
एमसीबी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े चावल की अवैध आवाजाही के एक बड़े मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए गोयल एग्रो राइस मिल को दो वर्षों के लिए ब्लैक लिस्टेड (Rice mill black listed) कर दिया है। यह कार्रवाई 32 टन अवैध चावल की जब्ती, भौतिक सत्यापन में भारी अनियमितताओं और नियमों के गंभीर उल्लंघन के बाद की गई।
यह मामला खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान सामने आया, जब कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश पर राजस्व एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई थी।
🚚 32 टन चावल की संदिग्ध खेप पकड़ी गई
संयुक्त टीम ने 16 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र के ग्राम घुघरी, भरतपुर में संदेह के आधार पर:
- वाहन क्रमांक CG 10 BM 2906
- जिसमें 32 टन चावल भरा हुआ था
को जब्त किया।
पूछताछ में वाहन चालक ने बताया कि यह चावल बिहार से मंगवाया गया था, जिसे गोयल एग्रो राइस मिल, ग्राम केंवटी (केल्हारी) भेजा जा रहा था।
🔍 जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
अवैध चावल के खुलासे के बाद प्रशासन ने राइस मिल संचालक को जांच के लिए तलब किया, लेकिन समय पर उपस्थित न होने के कारण:
- राइस मिल को सील बंद कर दिया गया
- 22 दिसंबर 2025 को सील खोलकर
- भरतपुर और केल्हारी SDM के नेतृत्व में
- खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने भौतिक सत्यापन किया
जांच में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले थे।
📉 774 क्विंटल चावल गायब, रिकॉर्ड नदारद
भौतिक सत्यापन में:
- 774.04 क्विंटल चावल की कमी पाई गई
- B-1 रजिस्टर का संधारण नहीं किया गया
- मासिक विवरणी प्रस्तुत नहीं की गई
- मीलिंग के अनुपात में विद्युत खपत असामान्य रूप से कम पाई गई
इन तथ्यों से यह स्पष्ट हुआ कि राइस मिल लंबे समय से नियमित रूप से संचालित ही नहीं हो रही थी।
🐭 सड़ा चावल, गंदगी और स्वास्थ्य खतरा
जांच टीम ने मिल परिसर में:
- अत्यधिक गंदगी
- सड़ा हुआ चावल
- भंडारण स्थल पर चूहे और कबूतरों की गंदगी
पाई। इससे फूड प्वॉइजनिंग और जनस्वास्थ्य के गंभीर जोखिम की आशंका जताई गई।
⚠️ डमी राइस मिल साबित, नोटिस के बाद कार्रवाई
गुणवत्ता जांच और बिजली खपत के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि:
- गोयल एग्रो राइस मिल (Rice mill black listed)
- केवल डमी के रूप में संचालित की जा रही थी
मिल संचालक संजीव कुमार गोयल को:
- 1 जनवरी 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया
- 5 जनवरी 2026 को जवाब प्राप्त हुआ
दस्तावेजों के परीक्षण के बाद प्रशासन इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि राइस मिल ने:
- छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016
का उल्लंघन किया है।
⚖️ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध
यह उल्लंघन आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की:
- धारा 3/7 के अंतर्गत
- दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है
इसी आधार पर प्रशासन ने गोयल एग्रो राइस मिल को दो वर्षों के लिए ब्लैक लिस्टेड करने का आदेश जारी किया।