दिल्ली नगर निगम स्थाई समिति के चुनाव से पहले कांग्रेस ने खुद को अलग कर लिया है. कांग्रेस ने खुद को अलग इसलिए किया है कि कहीं उन पर ये आरोप ना लग जाए कि उन्होंने बीजेपी या आम आदमी पार्टी का स्थाई समिति के मेंबर बनाने में किसी का समर्थन किया है. दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आजतक से बातचीत में कहा कि स्थाई समिति के मेंबर का जो चुनाव हो रहा है, उस चुनाव में सभी कांग्रेस पार्षद गैर हाजिर रहेंगे. देवेंद्र यादव ने बताया कांग्रेस ने वोटिंग में हिस्सा ना लेने का लिए फैसला लिया है.
दरअसल, आज गुरुवार को दिल्ली नगर निगम की बैठक में स्थाई समिति के एक सीट को लेकर वोटिंग होनी है. वोटिंग से पहले नगर निगम की इस बैठक में जमकर हंगामा देखने को मिला बीजेपी और आम आदमी पार्टी के पार्षद सदन की बैठक में हंगामा करते नजर आए.
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बीजेपी और आम आदमी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि दोनों पार्टियों स्थाई समिति के चुनाव में अपने अध्यक्ष चुनने के लिए लगातार हॉर्स ट्रेडिंग कर रही है. दोनों पार्टी एक दूसरे के पार्षदों को तोड़ने में लगी है. ऐसे में कांग्रेस ने फैसला लिया है कि उसे सभी 9 पार्षद इस वोटिंग से बाहर रहेंगे.
दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस के 9 पार्षद हैं. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का गठबंधन था लेकिन हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी से खुद को अलग कर लिया और अब दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति की बैठक के चुनाव को लेकर कांग्रेस एक बड़ा गेम चेंजर हो सकती है. कांग्रेस के लिए 9 पार्षद अगर आम आदमी पार्टी का समर्थन कर दें तो आम आदमी पार्टी स्थाई समिति में अध्यक्ष भी खुद का बना सकती है.