ऑपरेशन निश्चय
नशे के खिलाफ छेड़े गए विशेष अभियान ऑपरेशन निश्चय के तहत रायपुर ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गांजा और प्रतिबंधित नशीली टेबलेट के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा।
पुलिस अधिकारियों ने इसे नशे के नेटवर्क पर सीधा और सटीक प्रहार बताया है। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 4,04,500 रुपये आंकी गई है।
कैसे मिली सफलता?
रायपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत अपराधियों की बदलती कार्यप्रणाली पर नजर रखी जा रही थी।
17 फरवरी 2026 को थाना तिल्दा नेवरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक मोटरसाइकिल से सासाहोली से तिल्दा की ओर आ रहा है और उसके पास अवैध मादक पदार्थ मौजूद हैं।
सूचना मिलते ही:
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन में टीम गठित की गई
- बताए गए मार्ग पर घेराबंदी की गई
- संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई
बरामद हुआ यह सामान
तलाशी के दौरान पुलिस को पीठू बैग से:
- 2 किलो 250 ग्राम गांजा
- 480 नग प्रतिबंधित नशीली टेबलेट (नाइट्रोसन)
- एक महंगा आईफोन
- मादक पदार्थ परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल
बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी इन मादक पदार्थों को बिक्री के उद्देश्य से ले जा रहा था और ग्राहक की तलाश में था।
आरोपी की पहचान और कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार युवक ने अपना नाम हर्ष सोनी निवासी तिल्दा बस्ती बताया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ:
- अपराध क्रमांक 71/26
- धारा 20(बी) एवं 22(सी) एनडीपीएस एक्ट
के तहत मामला दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है।
बदलते पैटर्न पर पुलिस की नजर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार दबाव के कारण नशा तस्कर अब नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
लेकिन पुलिस भी:
- माइक्रो-लेवल सर्विलांस
- एंड-टू-एंड विवेचना
- इंटेलिजेंस-ड्रिवन कार्रवाई
के माध्यम से नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है।
जनता से अपील
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:
- नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें
- युवाओं को नशे से दूर रखने में सहयोग करें
- समाज को सुरक्षित बनाने में पुलिस का साथ दें
ऑपरेशन निश्चय के तहत जारी इस सख्त कार्रवाई से स्पष्ट है कि नशे के कारोबारियों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। अभियान आगे भी तेज़ी से जारी रहेगा और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।