“प्रतीक बोरदोलोई कांग्रेस”
कांग्रेस को असम चुनाव से पहले बड़ा झटका: प्रतीक बोरदोलोई ने मार्गेरिटा सीट से वापस ली उम्मीदवारी
गुवाहाटी – असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। मार्गेरिटा विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार प्रतीक बोरदोलोई ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। यह कदम उन्होंने अपने पिता और कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) में शामिल होने के बाद उठाया है।
मल्लिकार्जुन खरगे को लिखा पत्र:
प्रतीक बोरदोलोई ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की। पत्र में प्रतीक ने कहा कि उनके पिता के पार्टी छोड़ने के बाद, उनका कांग्रेस के उम्मीदवार बने रहना असमंजस पैदा कर सकता है, खासकर पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच। प्रतीक का मानना था कि इस स्थिति में उनकी निष्ठा पर सवाल उठ सकते थे, जो वह नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा, “अगर मेरी प्रतिबद्धता को लेकर कोई भी भ्रम पैदा होता है, तो यह मार्गेरिटा की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय होगा।”
कांग्रेस के प्रति उनकी वफादारी:
प्रतीक ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि वह अभी भी कांग्रेस के आदर्शों और विचारधारा में विश्वास रखते हैं। उनका यह फैसला पार्टी संगठन के प्रति सम्मान और अनुशासन की भावना से प्रेरित था। उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी के लिए किसी भी जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार हैं, जो नेतृत्व द्वारा उन्हें सौंपा जाएगा।
पिता प्रद्युत बोरदोलोई का भाजपा में शामिल होना:
प्रतीक का यह फैसला उनके पिता प्रद्युत बोरदोलोई द्वारा कांग्रेस से इस्तीफा देने और भाजपा में शामिल होने के बाद आया। प्रद्युत ने कांग्रेस से इस्तीफा देने के कारणों के बारे में बताया था कि पार्टी में उन्हें लगातार अपमान का सामना करना पड़ रहा था और पार्टी नेतृत्व से कोई समर्थन नहीं मिल रहा था। प्रद्युत ने भाजपा में शामिल होते हुए कहा कि यह सिर्फ टिकट बंटवारे का मुद्दा नहीं था, बल्कि कांग्रेस के भीतर के कई अन्य मुद्दे भी थे जिनके कारण उन्होंने यह निर्णय लिया।
कांग्रेस को झटके लगातार:
प्रत्येक चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को लगातार ऐसे झटके मिलते जा रहे हैं। भूपेन कुमार बोराह, असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, एक महीने पहले ही भाजपा में शामिल हो गए थे, जिन्होंने 30 वर्षों तक कांग्रेस की सेवा की थी। कांग्रेस पार्टी में हो रही इस टूट-फूट ने असम में पार्टी के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
असम विधानसभा चुनाव:
असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा 9 अप्रैल को चुनाव निर्धारित किया गया है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। कांग्रेस को एक बार फिर से पार्टी के अंदर और बाहर से दबाव का सामना करना पड़ सकता है, जिससे पार्टी के चुनावी समीकरणों पर असर पड़ सकता है।