रायगढ़ में लकड़ी तस्करी का बड़ा भंडाफोड़: बंद राइस मिल से 20 ट्रक अवैध खैर-तेंदू लकड़ी जब्त, गिरोह पर शिकंजा

लकड़ी तस्करी


छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में लकड़ी तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में बंद पड़ी राइस मिल के गोदाम से 15 से 20 ट्रक के बराबर तेंदू और खैर की अवैध लकड़ी जब्त की गई है। इस कार्रवाई से तस्करों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो लाखों रुपये की इमारती लकड़ी को दूसरे राज्यों में खपाने की तैयारी में थे।


कैसे हुआ खुलासा?

मामले की शुरुआत तब हुई जब रायगढ़ के डीएफओ को मुखबिर से सूचना मिली कि सहसपुरी इलाके से खैर की लकड़ी की अवैध ढुलाई हो रही है। सूचना मिलते ही:

  • एसडीओ, रेंजर और उड़नदस्ता की टीम गठित की गई
  • संदिग्ध ट्रकों की निगरानी शुरू हुई
  • चंद्रपुर रोड पर एक ट्रक को रोका गया

तलाशी के दौरान करीब 50 हजार रुपये की अवैध लकड़ी बरामद हुई। हालांकि चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में रतनपुर निवासी सूरज कुमार सारथी को पकड़ लिया गया।


पूछताछ में बड़ा खुलासा

आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि:

  • सहसपुरी क्षेत्र में लकड़ी डंप की जाती थी
  • 1 से 3 ट्रक भरकर माल चांपा भेजा जाता था
  • चांपा में बंद राइस मिल के गोदाम में लकड़ी जमा की जाती थी

इसके बाद रायगढ़ टीम ने जांजगीर-चांपा जिला के अधिकारियों को सूचना दी और संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई।


बंद राइस मिल में रात 1 बजे छापा

ग्राम भादा स्थित एक बंद राइस मिल परिसर में देर रात छापेमारी की गई। यहां:

  • 15 से 20 ट्रक के बराबर तेंदू और खैर की लकड़ी मिली
  • अनुमानित कीमत 40 से 50 लाख रुपये बताई जा रही है
  • गोदाम गुप्त रूप से संचालित किया जा रहा था

वन विभाग ने मौके से भारी मात्रा में लकड़ी जब्त कर ली और आगे की जांच शुरू कर दी है।


दूसरे राज्यों में खपाने की साजिश

जांच में यह भी सामने आया है कि:

  • लकड़ी को पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में भेजा जाता था
  • तस्कर संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे
  • रायगढ़ और चांपा जिलों में नेटवर्क सक्रिय था

वन अमला ने एक ट्रक जब्त कर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।


वन विभाग का बयान

रायगढ़ रेंजर संजय लकड़ा के अनुसार, मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। जब यह स्पष्ट हुआ कि मामला बड़े गिरोह से जुड़ा है, तो जांजगीर-चांपा की टीम के साथ मिलकर गोदाम पर दबिश दी गई।


क्यों गंभीर है मामला?

  • खैर और तेंदू की लकड़ी की बाजार में भारी मांग
  • अवैध कटाई से पर्यावरण को नुकसान
  • सरकारी राजस्व की हानि
  • संगठित गिरोह की संलिप्तता

यह कार्रवाई वन विभाग की सतर्कता का बड़ा उदाहरण है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और संभावना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में लकड़ी तस्करी के इस बड़े खुलासे ने वन संरक्षण और कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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