ई-मंडी में बड़ा फर्जीवाड़ा बेनकाब: 5656 क्विंटल धान की धांधली, फर्म सील, संचालक पर FIR

E-Mandi Scam


📍 रायपुर | मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता पर प्रशासन की सख्ती

छत्तीसगढ़ में ई-मंडी प्रणाली की पारदर्शिता और कर अनुशासन को लेकर जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया है। नगरी कृषि उपज मंडी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घुटकेल स्थित थोक धान व्यापारी शिवम ट्रेडर्स के विरुद्ध गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने फर्म को सीलबंद कर दिया है और संचालक के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।

यह कार्रवाई शासकीय राजस्व की सुरक्षा और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए की गई है।


🔍 कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?

अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नगरी के आदेश पर गठित चार सदस्यीय जांच दल ने:

  • 📅 11 जनवरी 2026 को फर्म का मौके पर निरीक्षण किया
  • पंचनामा तैयार कर विस्तृत जांच की
  • 📅 14 जनवरी 2026 को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया

जांच के दौरान निम्न दस्तावेजों का आपसी मिलान किया गया:

  • ई-मंडी / एग्री पोर्टल से जारी अनुज्ञा पत्र
  • स्टॉक पंजी (बी-1)
  • बोराई मंडी चेक पोस्ट के आवक-जावक अभिलेख

🚨 जांच में क्या-क्या अनियमितताएं पाई गईं?

जांच दल की रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

  • ई-मंडी अनुज्ञा पत्रों की तुलना में
    👉 स्टॉक पंजी में अधिक धान की जावक दर्शाई गई
  • कई मामलों में
    👉 PDF दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर धान की मात्रा बढ़ाई गई
  • ❌ बिना वैध ई-मंडी अनुज्ञा पत्र के धान का परिवहन
  • ❌ चेक पोस्ट पर संशोधित व फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए

📦 5656 क्विंटल धान का अवैध परिवहन

जांच के अनुसार:

  • कुल 47 अनुज्ञा पत्रों में कूट रचना की गई
  • लगभग 5,656 क्विंटल धान का अवैध परिवहन किया गया
  • इससे मंडी शुल्क, कृषक कल्याण शुल्क और निराश्रित शुल्क सहित
    👉 करीब ₹2.48 लाख के कर अपवंचन की संभावना पाई गई

⚖️ फर्म सील, संचालक पर गंभीर धाराओं में केस

इन तथ्यों के आधार पर:

  • शिवम ट्रेडर्स को मौके पर सीलबंद किया गया
  • फर्म संचालक संतोष खंडेलवाल के विरुद्ध
  • थाना बोराई में FIR दर्ज की गई

लागू धाराएं:

  • भारतीय न्याय संहिता
    • धारा 318(4)
    • धारा 338
    • धारा 339
    • धारा 340

आरोप हैं—
👉 कूट रचना, फर्जी अनुज्ञा पत्र तैयार करना और अवैध धान परिवहन।


🗣️ प्रशासन का स्पष्ट संदेश

जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि:

  • मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता
  • किसानों के हितों की सुरक्षा
  • शासकीय राजस्व का संरक्षण

सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कर अपवंचन, दस्तावेजों में हेराफेरी या किसी भी प्रकार की अनियमितता पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


🔎 आगे भी चलेगा सघन निरीक्षण अभियान

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:

  • मंडी क्षेत्रों में
  • ई-मंडी लेन-देन पर
  • परिवहन और स्टॉक पर

निरंतर सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की धांधली को पूरी तरह रोका जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *