धान खरीदी गड़बड़ी
धान खरीदी में गड़बड़ी पर प्रशासन की सख्ती, FIR दर्ज
सक्ती जिले में धान खरीदी गड़बड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई की है। शासन से प्राप्त स्पष्ट निर्देशों के तहत सोनादुला धान खरीदी केंद्र का संयुक्त जांच दल द्वारा निरीक्षण किया गया, जहां धान खरीदी प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
जैसे ही जांच प्रतिवेदन सामने आया, कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए। इस कार्रवाई से जिले भर के धान खरीदी केंद्रों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
जांच में क्या-क्या अनियमितताएं पाई गईं?
संयुक्त जांच दल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में धान खरीदी नीति 2025-26 के स्पष्ट उल्लंघन की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार:
- निर्धारित नियमों के विपरीत धान खरीदी
- दस्तावेजों में हेराफेरी
- किसानों के पंजीयन में अनियमितता
- खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी
- शासन के दिशा-निर्देशों की अवहेलना
इन सभी बिंदुओं को गंभीर मानते हुए जांच दल ने धान खरीदी प्रभारी हेमंत चंद्रा के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी।
कलेक्टर का बड़ा फैसला, FIR के निर्देश
जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने:
- धान खरीदी प्रभारी हेमंत चंद्रा को तत्काल कार्य से पृथक किया
- सहायक आयुक्त, सहकारिता विभाग एवं सहायक पंजीयक को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए
- स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को किसानों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सभी खरीदी केंद्रों पर कड़ी निगरानी
शासन की मंशा के अनुरूप जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों पर:
- नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
- जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी
- प्रतिदिन खरीदी प्रक्रिया की निगरानी
- रिकॉर्ड और स्टॉक का नियमित सत्यापन
जैसे कदम उठाए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की धान खरीदी गड़बड़ी को रोका जा सके।
किसानों के हित सर्वोपरि : कलेक्टर
कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:
“धान खरीदी में यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अनियमितता, भ्रष्टाचार या लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और शासन की धान खरीदी व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु रूप से संचालित करना है।