धान खरीदी में फिर बड़ा खेल: कोड़ासिया समिति में 34 किसानों के 3 हजार क्विंटल धान की एंट्री गायब, नया प्रबंधक भी संदेह के घेरे में


कोड़ासिया समिति धान खरीदी गड़बड़ी


📝 विशेष रिपोर्ट (400+ शब्द)

रायगढ़ | सहकारिता व्यवस्था पर फिर सवाल

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को पारदर्शी बनाने के लिए चाहे जितनी सख्ती बरती जाए, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र की कोड़ासिया समिति एक बार फिर गंभीर गड़बड़ी के कारण चर्चा में है। पहले जहां पूर्व प्रबंधक प्रहलाद बेहरा पर अनियमितताओं के आरोप लगे और उसे निलंबित किया गया, वहीं अब नए प्रबंधक त्रिलोचन बेहरा पर भी किसानों के साथ धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं।


🌾 34 किसानों का धान, लेकिन पोर्टल में एंट्री नहीं

मामला 29 जनवरी का है। कोड़ासिया समिति में उस दिन कुल 50 किसानों के टोकन काटे गए थे। इनमें से 48 किसानों ने अपना धान मंडी में लाकर तौल भी करवा दी। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि समिति प्रबंधक त्रिलोचन बेहरा ने:

  • केवल 14 किसानों का धान
    • खरीदी दिखाया
    • और पोर्टल में एंट्री करवाई
  • शेष 34 किसानों का धान
    • तौल के बाद भी
    • ऑनलाइन दर्ज नहीं किया

इन 34 किसानों का कुल धान:

  • 📦 7788 बोरी
  • ⚖️ लगभग 3115 क्विंटल

⏰ “रात 12 बजे तक एंट्री हो जाएगी” – झूठा भरोसा

किसानों के अनुसार प्रबंधक त्रिलोचन बेहरा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि:

  • पोर्टल रात 12 बजे तक खुला रहेगा
  • सभी की एंट्री कर दी जाएगी

लेकिन रात 9 बजे के बाद पोर्टल में कोई एंट्री नहीं हुई
अगले दिन जब किसान समिति पहुंचे, तो:

  • प्रबंधक गायब थे
  • फोन भी बंद मिला

📄 प्रशासन तक पहुंचा मामला

इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी:

  • संबंधित अधिकारियों ने
  • कलेक्टर को दी

इसके बाद:

  • एसडीएम द्वारा पत्र लिखा गया
  • शासन को सूचना देकर
    • पोर्टल दोबारा खुलवाने की मांग की गई

जब तक पोर्टल नहीं खुलेगा:

  • ❌ खरीदी की एंट्री नहीं होगी
  • ❌ किसानों को भुगतान नहीं मिलेगा

मौके पर:

  • नायब तहसीलदार
  • खाद्य निरीक्षक
    भी मौजूद थे, इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका।

⚠️ धोखाधड़ी का आरोप

पीड़ित किसानों ने प्रबंधक त्रिलोचन बेहरा पर:

  • जानबूझकर एंट्री न करने
  • अधिकारियों को गुमराह करने
  • जिला नोडल को सूचना न देने

जैसे आरोप लगाए हैं।
हैरानी की बात यह है कि अगले दिन भी मामला सुलझाने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की गई।


🌾 200 क्विंटल सड़ा धान और नया विवाद

त्रिलोचन बेहरा का एक और मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रकरण को और संदिग्ध बना दिया है।

  • त्रिलोचन, केशला-100 समिति का पंजीकृत किसान है
  • खरीदी के अंतिम दिन
    • शाम को अचानक
    • लगभग 200 क्विंटल धान लेकर पहुंचा
  • दबाव बनाकर
    • बिना जांच
    • तौल और खरीदी करवा ली

अगले दिन जब धान की जांच हुई तो:

  • पूरा धान अमानक और सड़ा हुआ निकला

इसके बाद:

  • उसके धान का भुगतान
    • पोर्टल में होल्ड कर दिया गया

❓ कार्रवाई क्यों नहीं?

इन दोनों मामलों में:

  • अब तक एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी
  • लेकिन आरोप है कि
    • त्रिलोचन बेहरा को बचाने की कोशिश हो रही है

इससे सहकारिता विभाग और धान खरीदी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *