श्रमिक जन संवाद सम्मेलन
छत्तीसगढ़ सरकार की पहल पर जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में आयोजित श्रमिक जन संवाद सम्मेलन में श्रमिकों को बड़ी राहत मिली। जिला ऑडिटोरियम में हुए इस कार्यक्रम में 1242 श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत 1 करोड़ 4 लाख 23 हजार रुपये की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
यह आयोजन श्रमिकों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया था।
मंत्री टंक राम वर्मा का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा:
- राज्य सरकार श्रमिकों के लिए 31 से अधिक योजनाएं संचालित कर रही है।
- योजनाओं की जानकारी हर श्रमिक तक पहुँचना जरूरी है।
- जागरूकता ही लाभ प्राप्त करने की पहली शर्त है।
- विकसित छत्तीसगढ़ का सपना श्रमिकों की भागीदारी से ही पूरा होगा।
उन्होंने सम्मेलन को श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया।
नए लेबर कोड पर विशेष जानकारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने केंद्र सरकार द्वारा लागू चार नए श्रम कानूनों की विस्तार से जानकारी दी:
- मजदूरी संहिता 2019
- सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020
- व्यावसायिक सुरक्षा स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता 2020
- औद्योगिक संबंध संहिता 2020
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन तय होने के बाद कोई भी राज्य इससे कम वेतन निर्धारित नहीं कर सकेगा। साथ ही सामाजिक सुरक्षा, इलाज और भविष्य निधि जैसे प्रावधानों से श्रमिकों को व्यापक लाभ मिलेगा।
किन योजनाओं में मिली राशि?
सम्मेलन में विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता वितरित की गई:
- मिनीमाता महतारी जतन योजना – 113 महिलाओं को 22.60 लाख
- मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना – 918 बच्चों को 19.43 लाख
- मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना – 97 बुजुर्गों को 19.40 लाख
- मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना – 89 बालिकाओं को 17.80 लाख
- निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता – 14 लाख
- असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता – 11 लाख
हितग्राहियों के अनुभव
- कंचन वर्मा ने बताया कि नोनी सुरक्षा योजना से उन्हें कॉलेज की पढ़ाई में मदद मिली।
- भगवान दत्त को 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर 20 हजार रुपये मिले।
- दीप्ति विश्वकर्मा को छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त हुआ।
सभी लाभार्थियों ने राज्य शासन के प्रति आभार जताया।
जिले की स्थिति
- 1 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत
- अब तक 90 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता वितरित
- योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा