टैक्स सिस्टम को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. वित्त मंत्रालय नए इनकम टैक्स सिस्टम पर काम कर रहा है. सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि सरकार का उद्देश्य टैक्स सिस्टम और प्रॉसेसे को सरल बनाना है. नए सिस्टम के तहत 125 सेक्शन और सब सेक्शन समाप्त हो सकते हैं.
जानकारी मिली है कि पुराने आयकर अधिनियम की जगह नया आयकर अधिनियम जल्द ही पेश किया जाएगा, नए आयकर अधिनियम का दायरा इसे सरल बनाना है. वित्त मंत्रालय फरवरी, 2025 में आगामी बजट में इसकी घोषणा की संभावना पर विचार कर रहा है. वित्त मंत्री आयकर अधिनियम से अनावश्यक धाराओं और उपधाराओं को समाप्त करने का लक्ष्य बना रहे हैं.
फिलहाल वित्त मंत्रालय आयकर अधिनियम में सुधार करने में व्यस्त है, जिसके बाद संशोधित ‘आयकर कानून’ देश के सामने लाया जाएगा. अगर नया सिस्टम आता है तो टैक्सपेयर्स के लिए यह बड़ा बदलाव हो सकता है. वित्त मंत्रालय टैक्स को लेकर सरल प्रक्रिया बनाने के लिए अनावश्यक धाराओं और उपधाराओं को समाप्त कर सकता है.
विचार किया जा रहा है कि टैक्स व्यवस्था को यथासंभव सरल बनाया जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात पर फोकस कर रहे हैं कि अधिक से अधिक लोग टैक्स के दायरे में आएं और यही कारण है कि सरकार नई टैक्स व्यवस्था लेकर आई.
New Tax System को लेकर मंत्रालय इस पर समीक्षा कर रहा है और एक्सपर्ट्स के साथ परामर्श कर रहा है. इस बीच, यह भी जानकारी मिली है कि टैक्स दाखिल करने की प्रक्रिया को आसान और सरल बनाने के लिए बड़ी प्रतिक्रिया मिली है. लगभग सभी प्रतिक्रियाओं में टैक्स दाखिल करना आसान बनाने और अनुपालन बोझ को कम करने का अनुरोध किया गया है.
नए आयकर अधिनियम की समीक्षा और अंतिम रूप देने का काम आने वाले महीनों में पूरा हो जाएगा. सुधार का उद्देश्य कर संहिता को अधिक व्यापक बनाना, अनुपालन बोझ को कम करना और टैक्सपेयर्स के लिए स्पष्टता में सुधार करना है. इस बदलाव के तहत एक्सपेंडेचर, निवेश, होल्डिंग, संपत्ति, देनदारियों के लिए नई तालिकाएं पेश की जाएंगी, जबकि आय सोर्स के लिए जांच की प्रक्रिया भी पेश हो सकती है.
गौरतलब है कि आयकर अधिनियम 1961 1 अप्रैल, 1962 को लागू हुआ था और आज तक पूरे भारत में लागू है. 2020 में सरकार ने एक नए टैक्स सिस्टम की शुरुआत की थी. वित्तीय वर्ष 2023-24 (असेसमेंट ईयर 2024-25) के लिए, 72% टैक्सपेयर्स ने इस नए टैक्स सिस्टम के तहत अपना रिटर्न दाखिल किया था.