मवेशी तस्करी
भूमिका
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशों के बाद जिले में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इसी क्रम में थाना लैलूंगा पुलिस ने एक ऐसे तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो गौवंशों को बेरहमी से पैदल हांकते हुए उड़ीसा ले जा रहा था। समय रहते की गई इस कार्रवाई से न सिर्फ तस्करी की कोशिश नाकाम हुई, बल्कि 8 निर्दोष गौवंशों की जान भी बचाई जा सकी।
कैसे मिली पुलिस को सूचना?
लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया था। इसी दौरान पुलिस को एक पुख्ता मुखबिर सूचना प्राप्त हुई।
- सूचना में बताया गया कि
- एक व्यक्ति
- 8 नग गौवंश को
- मारते-पीटते, हांकते हुए
- बिना चारा-पानी
- कटेलपारा लैलूंगा से उड़ीसा की ओर पैदल ले जा रहा है
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना समय गंवाए कार्रवाई की योजना बनाई।
मौके पर दबिश और गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने मुखबिर के बताए स्थान कटेलपारा के पास कच्चे मार्ग पर दबिश दी।
- मौके पर
- एक व्यक्ति गौवंशों को क्रूरता से ले जाता मिला
- संदेह के आधार पर उसे रोका गया
- पूछताछ में उसने अपना नाम
- जलंधर यादव, उम्र 46 वर्ष
- निवासी: बैस्कीमुड़ा, थाना लैलूंगा
- जिला: रायगढ़
बताया
आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी पिताम्बर यादव के साथ मिलकर इन मवेशियों को उड़ीसा ले जा रहा था।
नहीं दिखा सका कोई वैध दस्तावेज
पूछताछ के दौरान पुलिस ने जब मवेशियों से संबंधित दस्तावेज मांगे तो—
- आरोपी
- खरीदी-बिक्री
- या परिवहन
से जुड़ा कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका
इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया।
दर्ज हुआ मामला, मवेशी जब्त
थाना लैलूंगा में आरोपी के विरुद्ध—
- अपराध क्रमांक: 21/2026
- धाराएं:
- छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004
- धारा 4, 6, 10, 11
के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
जब्ती विवरण:
- 08 नग गौवंश (कीमत लगभग ₹1,00,000)
- 01 नग लकड़ी का डंडा
आरोपी जेल भेजा गया
आरोपी जलंधर यादव को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मुक्त कराए गए गौवंशों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में जिन अधिकारियों और जवानों की अहम भूमिका रही—
- उप निरीक्षक गिरधारी साव (थाना प्रभारी, लैलूंगा)
- प्रधान आरक्षक शिव प्रसाद पैंकरा
- आरक्षक संतराम निषाद
- अन्य हमराह स्टाफ