मनरेगा पर बड़ा सियासी संग्राम: 10 जनवरी से सड़क से सदन तक उतरेगी कांग्रेस, सरकार पर सीधा हमला

मनरेगा बचाओ संग्राम


मनरेगा को लेकर कांग्रेस का बड़ा ऐलान

रायपुर में कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) और नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की संयुक्त बैठक के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और राज्यों पर आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाते हुए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ नाम से प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। यह अभियान 10 जनवरी से 26 फरवरी 2026 तक चलेगा और ग्राम पंचायत से लेकर विधानसभा तक व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि प्रस्तावित VB-GRAM-G विधेयक और मनरेगा के कथित नाम परिवर्तन के खिलाफ कांग्रेस सड़क पर उतरेगी। पार्टी का कहना है कि यह कानून गरीब, वंचित और ग्रामीण श्रमिकों के रोजगार अधिकार पर सीधा हमला है।


सचिन पायलट का सरकार पर तीखा हमला

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सचिन पायलट ने कहा:

  • केंद्र सरकार दुर्भावनावश मनरेगा को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है
  • नाम बदलने के बहाने रोजगार गारंटी की मूल भावना को खत्म किया जा रहा है
  • राज्यों पर खर्च का बोझ डालकर केंद्र अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का आंदोलन पूरी तरह गांधीवादी और अहिंसक तरीके से होगा और इसमें जनता की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।


आंदोलन की चरणबद्ध रूपरेखा (10 जनवरी से 26 फरवरी)

कांग्रेस ने अभियान को बेहद संगठित और चरणबद्ध तरीके से चलाने का निर्णय लिया है:

🔹 10 जनवरी: प्रेस कॉन्फ्रेंस

  • सभी जिला कांग्रेस कार्यालयों में प्रेसवार्ता
  • मीडिया को मनरेगा पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाएगा

🔹 11 जनवरी: एक दिवसीय उपवास

  • जिला मुख्यालयों में उपवास
  • मनरेगा श्रमिकों और पार्टी नेताओं की भागीदारी

🔹 12–29 जनवरी: पंचायत स्तर पर जनसंपर्क

  • ग्राम पंचायतों में चौपाल और संवाद
  • पर्चा वितरण और नुक्कड़ सभाएं
  • ग्राम प्रधानों, रोजगार सेवकों और श्रमिकों से सीधा संवाद

🔹 30 जनवरी: वार्ड और ब्लॉक स्तर पर धरना

  • महात्मा गांधी और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाओं के पास शांतिपूर्ण धरना

🔹 31 जनवरी–6 फरवरी: जिला स्तरीय प्रदर्शन

  • कलेक्टर कार्यालयों का घेराव
  • ज्ञापन सौंपकर विधेयक वापस लेने की मांग

🔹 7–15 फरवरी: विधानसभा घेराव

  • राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन
  • केंद्र सरकार की नीतियों को उजागर किया जाएगा

🔹 अभियान का समापन

  • एआईसीसी द्वारा चार प्रमुख क्षेत्रीय रैलियां
  • तिथियां और स्थान अलग से घोषित होंगे

कांग्रेस का दावा: जनता हमारे साथ

कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों का अधिकार है। पार्टी के अनुसार:

  • यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है
  • मजदूरों, महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए जीवनरेखा है
  • इसमें किसी भी तरह की कटौती अस्वीकार्य है

बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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