सरकारी बैंकों में विदेशी निवेश की बड़ी तैयारी! FDI लिमिट 49% तक बढ़ाने पर मंथन


सरकारी बैंकों में FDI


📰 आर्टिकल (400+ शब्द)

भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव आने की आहट मिल रही है। केंद्र सरकार सरकारी बैंकों में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) की सीमा को मौजूदा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत तक करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यह पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSU Banks) के लिए अब तक का सबसे बड़ा सुधार माना जाएगा।

📌 क्या है सरकार की योजना?

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्ताव को लेकर सरकार के भीतर उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है। फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी एम. नागाराजू ने बताया कि—

  • सरकारी बैंकों में FDI लिमिट बढ़ाने को लेकर
  • अंतर-मंत्रालयी परामर्श प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
  • रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और बैंकों से भी राय ली जा रही है
  • फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है

सरकार का मानना है कि सरकारी बैंकों में FDI बढ़ने से पूंजी की कमी दूर होगी और बैंकों की बैलेंस शीट और मजबूत होगी।

🏦 बजट में भी मिले संकेत

हाल ही में पेश बजट में वित्त मंत्री ने एक हाई लेवल कमिटी के गठन का ऐलान किया है। इस कमिटी का काम होगा:

  • देश के बैंकिंग सेक्टर की मौजूदा स्थिति का रिव्यू
  • अगले चरण की ग्रोथ के लिए रोडमैप तैयार करना
  • सरकारी और निजी बैंकों में सुधार के सुझाव देना

विशेषज्ञ मानते हैं कि FDI लिमिट बढ़ाने का फैसला इसी व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

🌍 विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी

भारत का बैंकिंग सेक्टर विदेशी निवेशकों के लिए पहले से ही आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

  • पिछले साल दुबई के Emirates NBD ने
  • 3 बिलियन डॉलर में
  • RBL बैंक की 60% हिस्सेदारी खरीदी

फिलहाल:

  • प्राइवेट बैंकों में FDI लिमिट: 74%
  • किसी एक FII के लिए लिमिट: 15% (RBI की अनुमति से बढ़ सकती है)

सरकार अब इसी मॉडल को सरकारी बैंकों में भी आंशिक रूप से लागू करने पर विचार कर रही है।

📊 सरकारी बैंकों की मौजूदा स्थिति

भारत में इस समय कुल 12 सरकारी बैंक हैं।

मार्च 2025 के आंकड़ों के अनुसार:

  • कुल एसेट: 1.71 लाख करोड़ रुपये
  • बैंकिंग सेक्टर में हिस्सेदारी: करीब 55%

इसके बावजूद कई सरकारी बैंक पूंजी की कमी और प्रतिस्पर्धा की चुनौती से जूझ रहे हैं।

🔍 FDI बढ़ने से क्या होंगे फायदे?

अगर सरकारी बैंकों में FDI सीमा 49% तक बढ़ाई जाती है, तो:

  • विदेशी पूंजी का बड़ा प्रवाह संभव
  • बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत
  • टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस में सुधार
  • सरकार पर पूंजी डालने का दबाव कम

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