“कोयला चोरी”
सूरजपुर: गायत्री खदान में हुई कोयला चोरी का पर्दाफाश, 33 टन कोयला जब्त
सूरजपुर – सूरजपुर जिले की गायत्री खदान से हो रही कोयला चोरी के मामले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बुधवार को खदान में छापेमारी की, जिसके बाद 33 टन चोरी का कोयला, 13 मोटरसाइकिलें और 7 साइकिलें जब्त की हैं। यह कार्रवाई एसडीओपी अभिषेक पैंकरा के नेतृत्व में की गई थी। चोरी में शामिल आरोपियों की तलाश जारी है, जबकि जब्त किया गया कोयला और वाहन खदान प्रशासन को सौंप दिए गए हैं।
घटना का विवरण:
- चोरी का तरीका: गायत्री खदान में कई दिनों से ग्रामीण सुरक्षा कर्मियों को धमकी देकर कोयला निकाल रहे थे। ये आरोपी बाइक और साइकिल के माध्यम से कोयला चोरी कर खदान से बाहर ले जाते थे।
- पुलिस का छापा: पुलिस को इस मामले की सूचना मिली, जिसके बाद एसडीओपी पैंकरा के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने खदान में अचानक दबिश दी। पुलिस टीम को देखकर आरोपी भाग खड़े हुए, और अपनी मोटरसाइकिल तथा साइकिल वहीं छोड़कर फरार हो गए।
जब्त सामग्री:
- 33 टन कोयला: पुलिस ने मौके से 450 बोरी कोयला जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग 2 लाख रुपये बताई जा रही है।
- 13 मोटरसाइकिलें और 7 साइकिलें: पुलिस ने इन वाहनों को भी जब्त किया, जो चोरी के कोयले को ले जाने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे।
खदान में सुरक्षा की खामी:
- खदान की बाउंड्रीवाल टूटी हुई थी, जिससे चोरी की घटनाओं को बढ़ावा मिला। खदान प्रशासन को इसे तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। एसईसीएल के अन्य खदानों में भी कोयला चोरी की शिकायतें मिल रही हैं, जो खदान प्रबंधन के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई:
- पुलिस और खदान प्रशासन ने कहा है कि सख्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर काबू पाया जा सके।
- बाउंड्रीवाल को मजबूत करने के साथ-साथ चोरी रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की जाएगी।
प्रशासन की अपील:
- पुलिस और खदान प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खदान क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। इससे प्रशासन को खदान क्षेत्र में चोरी पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
भविष्य में क्या होगा:
- एसईसीएल और पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खदान क्षेत्र में कोई भी अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वे आगे भी छापेमारी अभियान चलाते रहेंगे ताकि खदानों में चोरी पर अंकुश लगाया जा सके और एसईसीएल को होने वाले लाखों रुपए के नुकसान को रोका जा सके।