छत्तीसगढ़ में नकली कफ सिरप का बड़ा खुलासा: मेडिकल संचालक पर FIR, मरीजों की सेहत से खिलवाड़ उजागर

नकली कफ सिरप


✍️ पूरा आर्टिकल (400+ शब्द)

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की जांच में नकली कफ सिरप के संगठित कारोबार का खुलासा हुआ है। इस मामले में नवापारा स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

📍 मामला कहां का है?

यह मामला अभनपुर और गोबरा नवापारा क्षेत्र से जुड़ा है, जहां लंबे समय से दवाओं के अवैध कारोबार की आशंका जताई जा रही थी। 9 सितंबर 2025 को औषधि निरीक्षक द्वारा किए गए औचक निरीक्षण ने इस पूरे रैकेट की पोल खोल दी।

🔍 जांच में क्या-क्या सामने आया?

औचक निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित गंभीर अनियमितताएं पाई गईं:

  • नवापारा के नवकार मेडिकल स्टोर्स में खांसी की बेस्टो कोफ सिरप की बिक्री फर्जी बिल के आधार पर दिखाई गई
  • बिल क्रमांक 460 (दिनांक 23.09.2024) प्रस्तुत किया गया
  • सिरप का बैच नंबर B 6019024, एक्सपायरी 12/25, और एमआरपी ₹114.94 दर्ज थी
  • कुल बिक्री राशि ₹1200 अंकित पाई गई

जब इस दवा और बिल की सत्यता की जांच संबंधित निर्माणकर्ता कंपनी से कराई गई, तो सनसनीखेज खुलासा हुआ।

🏭 कंपनी ने क्या कहा?

निर्माता कंपनी ने साफ तौर पर कहा कि:

  • यह बैच न तो उनके द्वारा बनाया गया है
  • न ही उनकी ओर से बाजार में सप्लाई किया गया है

यानि जांच में यह दवा पूरी तरह नकली और जाली पाई गई। साथ ही प्रस्तुत बिल भी कूटरचित और फर्जी प्रतीत हुआ।

🤝 आपराधिक साजिश का खुलासा

विवेचना में यह भी सामने आया कि:

  • नवकार मेडिकल स्टोर्स, नवापारा
  • और कुलेश्वर मेडिकल स्टोर एंड जनरल स्टोर्स, राजिम

के बीच आपसी आपराधिक षड्यंत्र के तहत नकली औषधियों का अवैध व्यापार किया जा रहा था।

इस मामले में आरोपी सीताराम साहू ने अपने बयान में स्वीकार किया कि उसे यह नकली कफ सिरप नवकार मेडिकल स्टोर्स से प्राप्त हुई थी, जिससे दोनों दुकानों के बीच सीधी कड़ी साबित होती है।

⚖️ कानूनी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए:

  • थाना गोबरा नवापारा में एफआईआर दर्ज की गई
  • भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मामला पंजीबद्ध हुआ
  • खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच अभी जारी है

🚨 क्यों है यह मामला बेहद गंभीर?

  • नकली कफ सिरप सीधे मरीजों की जान से खिलवाड़ है
  • बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है
  • इससे पूरे दवा आपूर्ति तंत्र पर भरोसा कमजोर होता है

🛑 आम जनता के लिए जरूरी सलाह

  • हमेशा लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही दवाएं खरीदें
  • दवा का बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और बिल जरूर जांचें
  • किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना तुरंत प्रशासन को दें

👉 यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी अलार्म है। नकली दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही जनता की जान बचा सकती है।

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