नकली सामान
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में नकली सामान का नेटवर्क तेजी से फैलता जा रहा है। बाजारों में साबुन, टूथपेस्ट, क्रीम, ड्रायफ्रूट, दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक सामान से लेकर खाने-पीने की वस्तुएं तक फर्जी ब्रांड के नाम पर बेची जा रही हैं। हालत यह है कि असली और नकली में फर्क करना आम उपभोक्ता के लिए बेहद मुश्किल हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह अवैध कारोबार करोड़ों-अरबों रुपए तक पहुंच चुका है। इससे न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, बल्कि सरकार को भारी जीएसटी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
किन-किन सामानों में मिल रही है मिलावट?
राजधानी और आसपास के बाजारों में इन वस्तुओं के नकली संस्करण मिलने की बात सामने आई है:
- जीवन रक्षक दवाइयां
- पनीर, खोआ और अन्य डेयरी उत्पाद
- काजू, बादाम और ड्रायफ्रूट
- क्रीम, कॉस्मेटिक्स और साबुन
- चायपत्ती
- कपड़े और फैब्रिक्स
- इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिक सामान
विशेषज्ञों के अनुसार नकली कॉस्मेटिक और दवाइयां गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं, जिनमें त्वचा रोग और कैंसर जैसी समस्याएं भी शामिल हैं।
किन इलाकों में बन रहे नकली उत्पाद?
जांच में यह भी सामने आया है कि आसपास के कई शहरों में छोटे स्तर पर नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्य स्थानों में शामिल हैं:
- तिल्दा-नेवरा
- भाटापारा
- दुर्ग
- भिलाई
- चकरभाटा
- बिलासपुर
बताया जा रहा है कि इन इलाकों में पैकेजिंग और भंडारण के केंद्र भी सक्रिय हैं।
दाल मिल पर छापा, 316 बोरी उड़द जब्त
मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में बलौदाबाजार जिले के भाटापारा स्थित एक दाल मिल पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापा मारा।
- 316 बोरी उड़द दाल जब्त
- संदिग्ध काला रंग बरामद
- अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए
खाद्य सुरक्षा अधिकारी संध्या महिलांग के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में आशंका जताई गई कि उड़द दाल को चमकदार और आकर्षक दिखाने के लिए रंग मिलाया जा रहा था।
नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
- नियमित जांच क्यों नहीं हो रही?
- शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं?
- क्या राजनीतिक संरक्षण के चलते फल-फूल रहा है यह कारोबार?
फूड एंड ड्रग सेफ्टी विभाग की कथित लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
- पैकेजिंग और एमआरपी ध्यान से जांचें
- ब्रांड की स्पेलिंग और लोगो देखें
- अत्यधिक सस्ता सामान खरीदने से बचें
- संदिग्ध वस्तु मिलने पर शिकायत दर्ज करें
आगे क्या?
खाद्य विभाग ने साफ किया है कि अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस के सहयोग से बाजारों में छापेमारी बढ़ाई जाएगी ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध उत्पाद मिल सकें।
रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में फैला नकली सामान का यह जाल अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो यह नेटवर्क और गहराता जा सकता है।