असम घुसपैठ मामला
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में घुसपैठ को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 20 साल के शासन के दौरान असम की पूरी जनसांख्यिकी बदल गई थी। शाह के अनुसार, राज्य के सात जिलों में कम से कम 64 लाख घुसपैठिए बस चुके थे।
🔹 प्रधानमंत्री मोदी की सरकार का दावा
- अमित शाह ने कहा कि भाजपा सरकार इस प्रवृत्ति को रोकने और पलटने के लिए लगातार काम कर रही है।
- उन्होंने लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने की अपील की।
- शाह ने कहा कि असम को घुसपैठ से पूरी तरह मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की हाथों को मजबूत करना जरूरी है।
🔹 कांग्रेस शासन पर आरोप
- शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान असम की जनसांख्यिकी पूरी तरह बदल गई।
- घुसपैठियों की संख्या शून्य से बढ़कर 64 लाख हो गई और सात जिलों में उन्होंने बहुसंख्यक स्थिति बना ली।
- उन्होंने दावा किया कि इस बदलाव के कारण राज्य में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन प्रभावित हुआ।
🔹 भाजपा सरकार की पहल
- असम में भाजपा सरकारों ने 1.26 लाख एकड़ अतिक्रमित भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराया है।
- राज्य के ऊपरी क्षेत्रों में घुसपैठियों को बसने से रोकने में ‘मिसिंग’ समुदाय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- अमित शाह ने कहा कि सरकार विभिन्न तरीकों से अवैध प्रवास पर नियंत्रण की कोशिश कर रही है।
🔹 चुनावी संदेश और अपील
- केंद्रीय गृह मंत्री ने भाजपा को तीसरी बार सत्ता में लाने की अपील की।
- उनका कहना था कि ऐसा करने से अवैध प्रवासियों के खिलाफ लड़ाई में सरकार की क्षमता मजबूत होगी।
- शाह ने समुदाय और नागरिकों से आग्रह किया कि वे भाजपा की नीतियों का समर्थन करें, ताकि असम में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।