रायपुर तालाब अतिक्रमण
रायपुर तालाब अतिक्रमण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। शहर में लगातार सिकुड़ते तालाबों और बढ़ते अवैध निर्माण को लेकर ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर सवाल उठाए हैं। संस्था का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो रायपुर की जल सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
सर्वोदय तालाब पर बढ़ता दबाव
प्रेस वार्ता में विशेष रूप से सर्वोदय तालाब (पचपेड़ी नाका, वार्ड क्रमांक 51) की स्थिति को सामने रखा गया।
संस्था के अनुसार:
- तालाब के आरक्षित क्षेत्र में निर्माणाधीन और निर्मित मकान मौजूद हैं
- जलग्रहण क्षेत्र प्रभावित हो रहा है
- वर्षा जल संचयन की प्राकृतिक व्यवस्था बाधित हो रही है
- भूजल स्तर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है
ग्रीन आर्मी का दावा है कि यदि अतिक्रमण नहीं रोका गया तो तालाब का मूल स्वरूप और अस्तित्व दोनों खतरे में पड़ सकते हैं।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर नगर निगम के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रमुख मांगें रखी गईं:
- सर्वोदय तालाब के आरक्षित क्षेत्र से अवैध निर्माण हटाया जाए
- तालाब का पुनः सीमांकन कराया जाए
- शहर के सभी तालाबों की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट तैयार की जाए
- प्रत्येक जोन को जवाबदेही सौंपी जाए
संस्था ने यह भी मांग की कि स्वतंत्रता के समय रायपुर में कितने तालाब और गार्डन थे तथा वर्तमान में कितनी भूमि शेष है—इसका आधिकारिक विवरण सार्वजनिक किया जाए।
“तालाब शहर की जीवनरेखा हैं”
अमिताभ दुबे, प्रदेश अध्यक्ष एवं संस्थापक, ने कहा:
- तालाब केवल जलभराव क्षेत्र नहीं हैं
- ये शहर की जल सुरक्षा की नींव हैं
- पर्यावरणीय संतुलन का आधार हैं
- आने वाली पीढ़ियों के जल अधिकार से जुड़े हैं
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन समयबद्ध और ठोस कदम नहीं उठाता, तो ग्रीन आर्मी कानूनी और लोकतांत्रिक दोनों माध्यमों से आंदोलन जारी रखेगी।
क्यों गंभीर है यह मुद्दा?
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरों में तालाबों का महत्व कई स्तरों पर है:
- वर्षा जल का प्राकृतिक संचयन
- भूजल पुनर्भरण
- तापमान नियंत्रण
- जैव विविधता संरक्षण
- सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र
रायपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में तालाबों का संरक्षण जल संकट से बचने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
आगे क्या?
ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ ने साफ कर दिया है कि यह केवल एक तालाब का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे शहर की जल विरासत बचाने की लड़ाई है।
रायपुर तालाब अतिक्रमण पर प्रशासन की अगली कार्रवाई क्या होगी, इस पर अब शहरवासियों की नजर टिकी है।
तालाब बचेंगे तो पानी बचेगा, और पानी बचेगा तो शहर का भविष्य सुरक्षित रहेगा।