छत्तीसगढ़ की सड़कों पर सुरक्षा का बड़ा एक्शन: ब्लैक-स्पॉट्स दुरुस्त, 200 करोड़ से ज्यादा के हाईवे प्रोजेक्ट्स पर NHAI का फोकस

NHAI सड़क सुरक्षा परियोजना


NHAI सड़क सुरक्षा परियोजना: छत्तीसगढ़ में हाईवे होंगे ज्यादा सुरक्षित और सुगम

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए NHAI सड़क सुरक्षा परियोजना के तहत बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राज्य के कई ब्लैक-स्पॉट्स की पहचान कर वहां सुधार कार्य शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही अंडर-पास, सर्विस रोड और बायपास निर्माण से जुड़े करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स विभिन्न चरणों में हैं।

इन पहलों का उद्देश्य न सिर्फ दुर्घटनाओं में कमी लाना है, बल्कि स्थानीय लोगों के आवागमन को भी सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।


ब्लैक-स्पॉट्स पर क्या-क्या सुधार किए गए?

एनएचएआई द्वारा सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई अहम कदम उठाए गए हैं। इनमें शामिल हैं:

  • दुर्घटना संभावित स्थानों पर रंबल स्ट्रिप्स की स्थापना
  • वाहनों को नियंत्रित करने के लिए क्रैश बैरियर्स
  • रात के समय दृश्यता बढ़ाने के लिए सोलर ब्लिंकर
  • प्रमुख जंक्शनों पर हाई-मास्ट लाइट्स
  • मानकों के अनुरूप साइन बोर्ड और चेतावनी संकेत

ये सभी कार्य उन राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों पर किए गए हैं, जहां पहले दुर्घटनाओं की संख्या अधिक थी।


अंडर-पास और सर्विस रोड से बदलेगा यातायात स्वरूप

NHAI सड़क सुरक्षा परियोजना के तहत यातायात प्रवाह को सुचारु बनाने के लिए अंडर-पास और सर्विस रोड का निर्माण एक अहम हिस्सा है। इससे:

  • हाईवे पार करने वाले स्थानीय लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी
  • मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी
  • गांवों और कस्बों का संपर्क बेहतर होगा

NH-53 पर 90 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट

राष्ट्रीय राजमार्ग–53 (दुर्ग से महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा तक) पर:

  • सुंदरा
  • पेंड्री
  • चिचोला
  • महाराजपुर
  • सोमनी

इन गांवों में लगभग 90 करोड़ रुपये की लागत से अंडर-पास और सर्विस रोड निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं। इससे इस व्यस्त मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।


अन्य प्रमुख परियोजनाएं

इसके अलावा कई अन्य स्थानों पर भी बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है:

  • रसमड़ा में लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से अंडर-पास निर्माण
  • NH-30 (रायपुर–सिमगा खंड) पर
    • सांकरा और सिलतरा में 80 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अंडर-पास
    • चरोदा में लगभग 6.5 करोड़ रुपये की लागत से बायपास क्रॉसिंग

इन सभी परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या निर्माण प्रक्रिया प्रगति पर है।


कुल निवेश और भविष्य की योजना

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर:

  • कुल अनुमानित लागत: 206 करोड़ 85 लाख रुपये
  • अंडर-पास, सर्विस रोड और बायपास से जुड़े कई कार्य
  • अलग-अलग चरणों में निर्माण और निगरानी

एनएचएआई का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हाईवे पर यात्रा तेज, सुरक्षित और सुगम हो।

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