खांसी की दवा में बड़ा घोटाला: नकली दवा बनाने वाले मेडिकल संचालक को पुलिस ने किया गिरफ्तार

रायपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ ने नकली दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। अभियान के तहत ‘बेस्टो कॉफ ड्राई कॉफ फार्मूला’ नामक सिरप का नमूना संदिग्ध पाए जाने पर जांच के लिए भेजा गया था।

जांच में यह दवा अमानक पाई गई — क्योंकि बोतल पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट दर्ज नहीं थी।

लेबल में झूठ, कंपनी ने किया इंकार

जब विभाग ने लेबल में दर्ज निर्माता फर्म से संपर्क किया, तो खुलासा हुआ कि उक्त कंपनी ने यह दवा बनाई ही नहीं थी। इससे यह साफ हो गया कि ‘बेस्टो कॉफ’ नकली औषधि के रूप में बाजार में बेची जा रही थी।

मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार

औषधि निरीक्षक, गरियाबंद द्वारा की गई जांच के बाद कुलेश्वर मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स के संचालक सीताराम साहू को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत की गई है।

विभाग का कहना है कि नकली दवा बेचने और वितरण में शामिल अन्य व्यक्तियों की भी जांच और गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

नकली दवाओं के खिलाफ अभियान

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर में औषधि दुकानों, डिस्ट्रीब्यूटरों और थोक विक्रेताओं की सघन जांच की जा रही है। नकली और अमानक दवाओं की बिक्री में लिप्त किसी भी व्यक्ति पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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