धान खरीदी में बड़ा घोटाला! कलेक्टर की रेड के बाद समिति प्रबंधक निलंबित, FIR के आदेश से मचा हड़कंप

धान खरीदी घोटाला


महासमुंद में धान खरीदी घोटाले पर सख्त कार्रवाई, प्रशासन अलर्ट

महासमुंद जिले में धान खरीदी घोटाला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। किसानों के हितों की रक्षा और खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री विनय लंगेह द्वारा की गई औचक जांच में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। इस कार्रवाई के बाद जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।

औचक निरीक्षण में क्या-क्या खुलासे हुए?

कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने पिथौरा विकासखंड की—

  • प्राथमिक कृषि एवं साख सहकारी समिति घोंच
  • प्राथमिक कृषि एवं साख सहकारी समिति बढ़ईपाली

का अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं, जिनमें शामिल हैं:

  • पुराने रबी फसल के धान को खपाने का प्रयास
  • गुणवत्ता विहीन धान की खरीदी
  • तौल प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता
  • शासन के दिशा-निर्देशों की खुली अवहेलना
  • किसानों के नाम पर अवैध धान विक्रय की आशंका

इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने संबंधित समिति प्रबंधक को तत्काल निलंबित करने और पूरे मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर का सख्त संदेश: कोई बख्शा नहीं जाएगा

कलेक्टर विनय लंगेह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—

“धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या नियम उल्लंघन को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश

निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारी—

  • एसडीएम पिथौरा बजरंग वर्मा
  • खाद्य अधिकारी अजय यादव
  • जिला विपणन अधिकारी आशुतोष कोसरिया

को कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • सभी धान खरीदी केंद्रों में सतत निगरानी रखी जाए
  • शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए
  • अंतिम दिनों में संभावित अवैध धान विक्रय पर विशेष सतर्कता बरती जाए

किसानों के लिए अहम निर्देश

कलेक्टर ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ये महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए:

  • छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाए
  • जिन किसानों के टोकन कट चुके हैं, लेकिन विक्रय नहीं हुआ है, उनका भौतिक सत्यापन किया जाए
  • जिनका धान बिक चुका है लेकिन रकबा शेष है, उन्हें रकबा समर्पण के लिए प्रेरित किया जाए
  • किसी भी संदिग्ध स्थिति में नोडल अधिकारी को तुरंत सूचना दी जाए

जिले में बढ़ी प्रशासनिक सख्ती

इस औचक कार्रवाई के बाद जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि किसानों के हक के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्तर पर माफ नहीं किया जाएगा

आगे भी जारी रहेगा अभियान

जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि—

  • धान खरीदी की अंतिम अवधि तक सघन निरीक्षण जारी रहेगा
  • नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी
  • पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाएगा

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