धान घोटाला छत्तीसगढ़
📰 पूरा लेख (400+ शब्द, Google Discover Friendly)
बालोद (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर धान घोटाला छत्तीसगढ़ को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड से जुड़ी इस सनसनीखेज घटना ने जिला प्रशासन और विपणन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी धान से भरा एक ट्रक, जो 13 जनवरी को अपने गंतव्य के लिए रवाना हुआ था, वह कई दिनों तक लापता रहने के बाद अब जंगल में लावारिस हालत में मिला है।
🚛 क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार—
- गुंडरदेही विकासखंड के कोड़ेवा धान खरीदी केंद्र से
- करीब 900 बोरा सरकारी धान
- मालीघोरी संग्रहण केंद्र भेजा गया था
यह ट्रक दमन मनदीप ट्रांसपोर्टर का बताया जा रहा है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर CG 08 AV 1711 है। हैरानी की बात यह है कि यह ट्रक तय समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंचा, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने इसकी खोज-खबर नहीं ली।
🌲 जंगल में कैसे मिला ट्रक?
शनिवार देर शाम—
- बालोद–कांकेर जिला सीमा
- गुरुर थाना क्षेत्र
- दमकसा गांव के पास घने जंगल में
यह ट्रक सड़क किनारे लावारिस हालत में खड़ा मिला।
ट्रक का केबिन लॉक था, जबकि चालक मौके से फरार बताया जा रहा है।
📦 200 से 250 बोरा धान गायब
प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि—
- ट्रक में लोड 900 बोरा धान में से
- 200 से 250 बोरा धान गायब है
सरकारी धान के इस तरह गायब होने से घोटाले की आशंका और गहरी हो गई है।
❓ GPS होते हुए भी ट्रक कैसे लापता रहा?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है—
- ट्रक में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगा था
- फिर भी 13 जनवरी से ट्रक लापता रहा
- किसी अधिकारी ने लोकेशन ट्रैक क्यों नहीं की?
यह लापरवाही नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित साजिश की ओर इशारा कर रही है।
🕵️♂️ विपणन विभाग और ट्रांसपोर्टर पर सवाल
पूरे घटनाक्रम में—
- जिला विपणन विभाग
- संबंधित ट्रांसपोर्टर
- धान खरीदी केंद्र प्रबंधन
की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि बिना मिलीभगत के इस तरह सरकारी धान का गायब होना संभव नहीं है।
🚨 प्रशासन में मचा हड़कंप
जैसे ही ट्रक मिलने की सूचना मिली—
- प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ
- विपणन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे
- पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू की गई
संभावना है कि आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा हो सकता है।