बाइक चोरी गिरोह
बिलासपुर, छत्तीसगढ़: शहर में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं के बीच एसीसीयू (एंटी क्राइम और क्रिमिनल यूनिट) को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने एक सक्रिय बाइक चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके 19 साल के मास्टरमाइंड साहिल मरावी सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह ने चोरी की बाइक्स को 25 हजार रुपये में बेचा और इस अवैध कारोबार से करीब दो लाख रुपये की कमाई की थी।
कैसे हुआ भंडाफोड़?
एसएसपी रजनेश सिंह ने बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं के बाद एससीसीयू को जांच के निर्देश दिए थे। टीम ने 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों का रूट चार्ट तैयार किया। मस्तूरी के वेदपरसदा में मुख्य आरोपी साहिल मरावी की पहचान हुई, जिसके बाद पुलिस ने वहां दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। शुरुआत में साहिल ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ी पूछताछ में उसने सब कुछ उगल दिया।
गिरोह के सदस्य और गिरफ्तारी
साहिल मरावी ने निलेश शुक्ला, हिमांशु जगत और रायपुर के रितेश सेन के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। इसके बाद पुलिस ने गिरोह के तीन बाइक खरीददारों को भी पकड़ा, जो चोरी की बाइक्स को 20 से 25 हजार रुपये में खरीदते थे। पुलिस ने इन बाइक्स को दस्तावेजों के बिना बेचा और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
चोरी की बाइक्स और अन्य जानकारी
पुलिस ने छह चोरी की बाइक्स को बरामद किया, जिनकी कुल कीमत करीब दो लाख रुपये है। यह बाइक्स बिलासपुर के सरकंडा, सिविल लाइन और कोतवाली क्षेत्र से चोरी की गई थीं। इसके अलावा दुर्ग और जांजगीर से भी बाइक्स चोरी की गई थीं। इस गिरोह के पर्दाफाश से पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है और अपराधियों की गिरफ्तारी से राहत मिली है।
सुरक्षा के लिए जागरूकता
पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद गिरोह के पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस टीम की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें कैश रिवार्ड देने की घोषणा की है। यह सफलता शहर में बढ़ती बाइक चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।