इंदौर पथराव
मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार को राजनीतिक टकराव अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए टकराव में जमकर पथराव हुआ, जिसमें दो पत्रकार समेत कई लोग घायल हो गए। पुलिस को हालात काबू में करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
पूरा मामला दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद इंदौर की सड़कों पर तनाव का माहौल बन गया।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के दौरान Indian Youth Congress के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनी हॉल में पहुंचकर अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
इस घटना के विरोध में Bharatiya Janata Yuva Morcha (भाजयुमो) ने इंदौर में कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच किया।
इंदौर में क्या हुआ?
- भाजयुमो कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे।
- कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में कार्यालय में मौजूद थे।
- पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी।
- अचानक अफवाहें फैलीं और दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया।
- हालात बिगड़ते देख पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
इंदौर के डीसीपी कृष्णा लालचंदानी ने बताया कि पहले पत्थर किसने फेंका, यह कहना जल्दबाजी होगी। फिलहाल जांच जारी है।
कई लोग घायल, पुलिस बल तैनात
घटना में दो पत्रकार समेत कई लोग घायल हुए हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थिति को नियंत्रण में लेने के प्रयास लगातार जारी हैं।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेताओं को पहले ही सूचना मिल गई थी कि भाजयुमो कार्यकर्ता घेराव करने आ सकते हैं। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्षदों को कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए गए थे।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
दिल्ली में हुए प्रदर्शन के मामले में चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।
बीजेपी का हमला, कांग्रेस पर आरोप
बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम को देश की छवि खराब करने वाला बताया है। पार्टी नेताओं ने Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि जब देश वैश्विक मंच पर आगे बढ़ रहा है, तब इस तरह के प्रदर्शन भारत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग की है।
राजनीतिक तनाव या संगठित टकराव?
इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
- क्या यह केवल विरोध प्रदर्शन था या पहले से तैयारी के साथ टकराव?
- अफवाहें कैसे फैलीं?
- सोशल मीडिया की क्या भूमिका रही?
फिलहाल प्रशासन स्थिति को शांत करने की कोशिश में जुटा है। इंदौर में तनाव जरूर है, लेकिन पुलिस का दावा है कि हालात नियंत्रण में हैं।
यह घटना दिखाती है कि राजनीतिक विरोध जब सड़कों पर उतरता है, तो वह कितनी जल्दी हिंसक रूप ले सकता है। आने वाले दिनों में जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस इंदौर पथराव की असली वजह क्या थी और जिम्मेदारी किसकी है।