कांग्रेस नेताओं का सरकारी जमीन पर कब्जा
रायपुर में कांग्रेस नेताओं पर आरोप – बीजेपी ने किया हमला
रायपुर के आरंग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गोढ़ी में शासकीय जमीन के अवैध कब्जे और बिक्री को लेकर राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिलकर सरकारी जमीन का अवैध रूप से क्रय-विक्रय किया है। बीजेपी ने इस मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और उन्हें “अपराधियों का संरक्षण देने वाली पार्टी” करार दिया है।
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और खरीदी-बिक्री
बीजेपी प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने शनिवार को एक पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि ग्राम गोढ़ी में पूर्व सरपंच गोपाल धीवर और उनकी पत्नी, जो वर्तमान में जनपद सदस्य हैं, ने शासकीय भूमि का अवैध कब्जा किया। उन्होंने बताया कि गोपाल धीवर के नेतृत्व में पंचायत ने लगभग 4 एकड़ शासकीय भूमि को बिना कब्जे के अवैधानिक रूप से बेच दिया। इसके बाद इसे पंचायत में प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि इस भूमि का गलत तरीके से आवंटन किया गया और बिना किसी वैध प्रक्रिया के इसे निजी लोगों के नाम कर दिया गया। इसके अलावा, मंदिरहसौद नगर पालिका के कांग्रेस पार्षद अनुज मिश्रा पर भी आरोप है कि उन्होंने 20 साल से अवैध तरीके से शासकीय भूमि पर कब्जा किया है।
बीजेपी का कांग्रेस पर आरोप
बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने में नाकाम रही है। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा, “कांग्रेस अपराधियों को संरक्षण देने का काम करती रही है और इन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की गई।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी एक “प्रोडक्शन हाउस” बन चुकी है, जहां अपराधी पोषित हो रहे हैं।
साथ ही, उन्होंने सूरजपुर जिले और बलौदा बाजार में हुई घटनाओं का भी हवाला दिया, जहां कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि सूरजपुर में एक युवा कांग्रेस कार्यकर्ता ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था, वहीं बलौदा बाजार में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने हिंसा और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था, लेकिन इन पर भी कांग्रेस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बीजेपी की कार्रवाई की मांग
बीजेपी ने कांग्रेस से सवाल किया कि अगर उनके नेताओं पर आरोप हैं तो उन पर तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। डॉ. मार्कण्डेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अब तक अपने नेताओं के खिलाफ कोई जांच या कार्रवाई नहीं की, और इससे यह साबित होता है कि कांग्रेस अपने ही नेताओं के अपराधों का समर्थन कर रही है।