राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक सर्वे में बड़ा खुलासा हुआ है। इस सर्वे में किए गए दावे से हड़कंप मच गया है। इसमें से एक बड़ी बात निकलकर सामने आई है। आरएसएस ने अपनी स्थापना के 100 साल पूरे होने पर मध्यभारत में क्षेत्र में सामाजिक अध्ययन करके यहां की समस्याओं का पता लगाने का काम किया है। इस सर्वे में पता चला कि हर जिले की अपनी-अपनी समस्याएं थी, जिसमें संघ के सर्वे में दावा किया गया है कि भोपाल के पुराने शहर में हिंदुओं का पलायन फिलहाल सबसे बड़ा मुद्दा है।
ऐसा बताया जा रहा है कि पुराने शहर में बड़ी संख्या में हिंदू लोग पलायन करके दूसरी जगह पहुंच गए हैं, वो यहां से अपना मकान बेचकर निकले हैं, जिन्हें दूसरे समुदाय के लोगों ने खरीद लिया है। हालांकि आरएसएस ने अब यहां पलायन रोकने की बात कही है।
आरएसएस के मध्यभारत प्रांत के प्रांत संघचालक अशोक पांडेय की ओर से बताया गया कि पुराने भोपाल में तेजी से हिंदुओं का पलायन हुआ है। उन्होंने बताया कि यहां से लगभग 3 हजार हिंदू परिवारों ने अपना मकान बेचा और दूसरी जगह पर शिफ्ट हो गए, उनके मकानों को दूसरे समुदाय के लोगों ने खरीद लिया, जिससे यहां हिंदुओं की कम हुई है। हालांकि अशोक पांडेय का कहना है कि हिंदूओं का पलायन रोकने के लिए आरएसएस ने तैयारियां कर ली है और यहां नए प्लान पर काम किया जाएगा।
आरएसएस ने अलग-अलग समस्याओं को लेकर सर्वे किया था। जिसमें लव जिहाद, धार्मिक जागृति का अभाव, संस्कार शिक्षण कमी, अस्वच्छता, मोबाइल गेमिंग, हिंदू परिवार पलायन जैसे 103 प्रकार की समस्याएं चिन्हित की थी। जिसमें भोपाल में हिंदुओं का पलायन सबसे गंभीर मुद्दा है, बेंगलुरु में संपन्न हुई RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में ये बात सामने आई है। अशोक पांडेय ने कहा हिंदुओं को पलायन करने की जरूरत नहीं है और उनको किसी से भी डरने की जरूरत भी नहीं है। सभी हिंदू उनके साथ खड़े हैं, वहीं आरएसएस भी उनके साथ खड़ा है।
ऐसा बताया जा रहा है कि भोपाल के शाहजहानाबाद, मंगलवारा, बुधवारा, कोहेफिजा, टीलाजमालपुरा, काबाडखाना तथा सिंधी कॉलोनी, ग्रीन पार्क कॉलोनी में तेजी से हिंदुओं की संख्या घटी है। इसको लेकर कहा जा रहा है कि यहां से हिंदू लोग अपना मकान बेचकर दूसरे इलाकों में पहुंच गए हैं।