“गर्दन पर काली लाइन”
गर्दन पर काली लाइन सिर्फ मैल नहीं, हो सकती हैं गंभीर बीमारियों की चेतावनी
नहाते समय अक्सर गर्दन की काली परत को हम मैल समझकर रगड़कर साफ करने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह काली रेखा या लाइन ‘एकेंथोसिस निगरिकन्स’ (Acanthosis Nigricans) नामक मेडिकल स्थिति का संकेत हो सकती है। यह शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस, हार्मोनल असंतुलन, मोटापा या डायबिटीज जैसी बीमारियों का शुरुआती संकेत देती है।
त्वचा पर दिखाई देने वाले ये बदलाव केवल सुंदरता का सवाल नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की चेतावनी भी हैं।
1. त्वचा रोग विशेषज्ञ का नजरिया
डॉ. रश्मि शर्मा, फोर्टिस अस्पताल (गुड़गांव) के अनुसार:
- गर्दन पर काली लाइन अक्सर इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज का संकेत हो सकती है।
- हार्मोनल समस्याएं जैसे PCOS और थायरॉयड भी इसका कारण बन सकती हैं।
उपाय:
- संतुलित आहार, चीनी और जंक फूड कम करना
- नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण
- डॉक्टर से जांच और उचित दवा/क्रीम की सलाह
2. स्त्री रोग विशेषज्ञ का दृष्टिकोण
डॉ. उमा वैद्यनाथन, फोर्टिस अस्पताल (शालीमार बाग) का कहना है कि:
- महिलाओं में यह अक्सर हार्मोनल असंतुलन या PCOS का संकेत होता है।
- अनियमित माहवारी, चेहरे पर बाल या वजन बढ़ना ऐसे लक्षणों के साथ दिखाई दे सकते हैं।
उपाय:
- हार्मोनल प्रोफाइल और ब्लड शुगर जांच
- वजन नियंत्रण और संतुलित आहार
- नियमित व्यायाम
3. फिजिशियन का विश्लेषण
डॉ. पवन कुमार गोयल के अनुसार:
- विटामिन B12 और D की कमी, हल्की सूजन या प्री-डायबिटीज/मेटाबॉलिक सिंड्रोम त्वचा के कालेपन का कारण बन सकते हैं।
उपाय:
- ब्लड शुगर प्रोफाइल, थायरॉयड, लिपिड प्रोफाइल और विटामिन जांच
- वजन नियंत्रण, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम
- स्वास्थ्य निगरानी के साथ चिकित्सकीय सलाह
4. एंडोक्रिनोलॉजिस्ट की सलाह
डॉ. छवि अग्रवाल, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट:
- लंबे समय तक उच्च इंसुलिन स्तर त्वचा की कोशिकाओं को मोटा और काला कर देता है।
- यह प्री-डायबिटीज या टाइप 2 डायबिटीज का शुरुआती चेतावनी संकेत है।
- मोटापा, उच्च रक्तचाप और डिस्लिपिडीमिया भी स्थिति को बढ़ाते हैं।
उपाय:
- संतुलित आहार और नियमित व्यायाम
- डायबेटोलॉजिस्ट की सलाह अनुसार दवा (जैसे मेटफॉर्मिन)
- नियमित ग्लूकोज और इंसुलिन स्तर जांच