BMP जवान की किलर बीवी गिरफ्तार, पति की नौकरी लेकर रचाई थी शादी;

खबर बिहार के गया से है। बीएमपी में बतौर सिपाही कार्यरत गुड्डू कुमार की हत्या कांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा लिया है। उसके मर्डर की साजिश पत्नी नेहा कुमारी ने रची थी। छह वर्ष तक चले अनुसंधान के बाद आखिरकार पुलिस ने नेहा को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि मर्डर वेपन अब तक बरामद नहीं किया जा सका है। बीएमपी, बोधगया में सिपाही पद पर कार्यरत गुड्डू कुमार की हत्या मदारपुर के पास गोली मारकर कर दी गई थी।

हत्या के बाद मृतक के पिता ने जमीन विवाद में मर्डर का आरोप लगाते हुए निमसर गांव में पांच लोगों पर केस दर्ज करवाया था। शुरुआत में पुलिस ने जमीन विवाद में हत्या के एंगल से जांच शुरू की। लेकिन पुलिस को अनुसंधान के क्रम में नयी लीड मिलती गई और परत-दर-परत केस खुलता चला गया। तकनीकी अनुसंधान और सूचना के आधार पर पुलिस मामले की तह तक जा पहुंची। मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर पुलिस असली अपराधियों तक पहुंच सकी। हत्या के समय भी अपराधियों का मोबाइल लोकेशन घटना स्थल के आस पास ही था।

गुड्डू की हत्या के बाद तमाम प्रक्रिया को पूरा करते हुए पत्नी नेहा कुमारी को अनुकंपा के आधार पर बीएमपी में नौकरी दी गई है। नेहा वर्तमान में बीएमपी में कार्यरत है। बीएमपी से ही पूछताछ के लिए पुलिस नेहा को अपने साथ बोधगया थाने लायी थी। पूछताछ के बाद विधिवत नेहा की गिरफ्तारी की गई। नेहा की गिरफ्तारी की सूचना बीएमपी के अधिकारी को दे दी गई है। अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिलने के बाद नेहा ने दूसरी शादी कर ली है। कहा जा रहा है कि अनुकंपा की नौकरी के लिए नेहा ने अपने पति को मरवा दिया ताकि अपने तरीके से जी सके।

अलीपुर थानाध्यक्ष सत्य नारायण शर्मा ने बताया कि नेहा कुमारी का माइका अरवल जिला के कुर्था थानाक्षेत्र के लारी गांव में है। नेहा के कॉल डिटेल से उसके फुफेरा भाई हरिओम का नाम सामने आया। हरिओम तक पुलिस पहुंच पाती उससे पहले उसने आत्म हत्या कर ली। कॉल डिटेल और लोकेशन से पुलिस ने अमित गौरव को गिरफ्तार किया। जबकि जीतू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने जीते से जब कड़ाई से पूछताछ की तो मामला पूरी तरह से साफ हो गया। जीतू ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि नेहा का अपने पति गुड्डू के साथ बनाव नहीं था। नेहा ने अपने फुफेरा भाई हरिओम के साथ गलत संबंध थे। नेहा ने हरिओम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। 20 जून की सुबह गुड्डू बाइक से घर से निकला था। प्लान के अनुसार रास्ते में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। मामला खुलने के बाद फुफेरा भाई हरिओम ने आत्म हत्या कर ली थी। केस में कई आईओ के बदलने और अन्य प्रक्रिया की वजह से भी नेहा तक पहुंचने में पुलिस को काफी समय लगा।

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