एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि अगर हमारा शीर्ष नेतृत्व मजबूत नहीं रहता तो किसान आंदोलन के दौरान पंजाब को भी बांग्लादेश बना दिया जाता। आंदोलन के नाम पर उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे। वहां रेप और हत्याएं हो रही थीं। कंगना की आने वाली फिल्म इमरजेंसी सुर्खियों में है। पंजाब में फिल्म का विरोध हो रहा है। पंजाब के निर्दलीय सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने ट्रेलर में दिखाए गए दृश्यों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इसमें सिखों को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने इसकी रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। वहीं, सिखों की सर्वोच्च संस्था एसजीपीसी भी इस पर बैन लगाने की मांग कर रही है।
एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने आरोप लगाया था कि सिखों के चरित्र को गलत तरीके से पेश करने वाली फिल्म ‘इमरजेंसी’ पर तत्काल प्रतिबंध लगना चाहिए। यह फिल्म सिख विरोधी और पंजाब विरोधी शब्दावली के कारण विवादों में रहने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा जानबूझकर सिखों के चरित्रहरण करने के इरादे से बनाई गई है। जिसे सिख समुदाय बर्दाश्त नहीं कर सकता। ऐसे में इस समय कंगना रनौत के किसान आंदोलन पर दिए उनके ताजा बयान को उनकी फिल्म के हो रहे विरोध के साथ जोड़ कर देखा जा रहा है। कंगना रनौत के किसान आंदोलन के दौरान हत्या और रेप वाले बयान के बाद पंजाब में फिर बवाल मच गया है।
दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि पंजाब में किसान आंदोलन के नाम पर उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे। वहां रेप और हत्याएं हो रही थीं। केंद्र सरकार ने किसान बिल को वापस ले लिया वर्ना इन उपद्रवियों की बहुत लंबी योजना थी। वे देश में कुछ भी कर सकते थे। पंजाब भाजपा ने कंगना रनौत के बयान से पल्ला झाड़ लिया है। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता हरजीत ग्रेवाल ने कहा कि ये कंगना का निजी बयान है, इसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा सांसद व बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के किसान आंदोलन को दिए विवादित बयान पर पंजाब के पूर्व मंत्री राजकुमार वेरका ने कंगना रनौत पर राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट लगा असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कंगना रनोट रोज पंजाब के नेताओं के खिलाफ जहर उगलती है। आज कंगना ने कहा कि किसान खालिस्तानी हैं। देश के किसानों को गाली निकाली है। उसने कहा कि किसान आंदोलन के बीच मर्डर हुए, रेप हुए। वेरका ने कहा कि कंगना किसी की शह पर बोल रही है। बीजेपी इसके लिए सफाई दे। वे भाजपा की चुनी गई सांसद है। वे कोई आम आर्टिस्ट नहीं है। भाजपा को सफाई देनी चाहिए। वेरका ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग करता हूं कि इसके खिलाफ इन्क्वायरी करके एफआईआर दर्ज की जाए। इसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत एफआईआर होनी चाहिए और इसे डिब्रूगढ़ जेल में भेजना चाहिए।
कंगना इस से पहले भी किसानों और किसान आंदोलन पर कई बार विवादित बोल बोल चुकी हैं। किसान आंदोलन के वक्त कंगना ने 27 नवंबर 2020 को एक सोशल मीडिया पोस्ट की। जिसमें कंगना ने कहा था कि किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने वाली महिलाएं 100 रुपए में आती हैं। इस ब्यान से किसान भड़क गए थे। 3 महीने पहले कंगना जब चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर आईं तो यहां सीआईएसएफ की महिला कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। सीआईएसएफ कॉन्स्टेबल की वीडियो भी सामने आई थी, जिसमें वह कह रही थीं कि कंगना ने जब किसान आंदोलन में शामिल महिला को 100 रुपए में धरना देने वाली कहा था तो उसकी मां भी धरने पर बैठी थीं।