यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संभल हिंसा को लेकर सपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि संभल की घटना में सब समाजवादी पार्टी के संरक्षित लोग हैं। उनको माफी मांगनी चाहिए। संभल के अपराधी सब समाजवादी पार्टी के लोग हैं। सपा का चाल, चरित्र, चेहरा उजागर हो गया। जो संभल के अपराधी हैं वही समाजवादी हैं। अखिलेश यादव पहले अपनी पार्टी संभालें फिर जाएं. सबको न्याय मिलेगा हमारी जिम्मेदारी है। हार से मुंह छिपाने के लिए अखिलेश बयानबाजी कर रहे हैं।
दरअसल, सपा प्रमुख्र अखिलेश यादव ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के नेतृत्व में एक सपा प्रतिनिधिमंडल को संभल जाने से रोके जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। प्रतिनिधिमंडल को संभल जाने से रोकने के लिए शनिवार सुबह लखनऊ में माता प्रसाद पांडे के घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए सोशल नेटवर्किंग साइट ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा कि प्रतिबंध लगाना भाजपा सरकार के शासन, प्रशासन और सरकारी प्रबंधन की नाकामी है। ऐसा प्रतिबंध अगर सरकार उन पर पहले ही लगा देती, जिन्होंने दंगा-फ़साद करवाने का सपना देखा और उन्मादी नारे लगवाए तो संभल में सौहार्द-शांति का वातावरण नहीं बिगड़ता।
हिंदू पक्ष ने 19 नवंबर को सिविल मुकदमा किया था। मुकदमे में दावा किया गया था कि संभल की शाही मस्जिद 1529 में मुगल सम्राट बाबर के शासन के दौरान हरिहर मंदिर के खंडहरों पर बनाई गई थी। उन्होंने मस्जिद के सर्वेक्षण की मांग की थी। अदालत ने दावे की पुष्टि के लिए सर्वेक्षण के लिए एक वकील को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था। कोर्ट कमिश्नर के नेतृत्व में एक टीम ने उसी दिन (19 नवंबर) संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया, पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई और राज्य और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में मस्जिद का सर्वेक्षण किया। टीम ने 24 नवंबर को सर्वेक्षण का दूसरा दौर किया। इस दौरान आसपास के क्षेत्र में हिंसा हुई और चार लोग मारे गए।