ब्रिटेन के राजा चार्ल्स III और उनकी पत्नी क्वीन कैमिला ने हाल ही में बेंगलुरु का दौरा किया। वे लगभग चार दिन तक दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक की राजधानी में रुके थे। बताया जा रहा है कि ब्रिटेन के राजा और रानी ने बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित एक शानदार वेलनेस रिट्रीट, सावक्या इंटरनेशनल होलिस्टिक हेल्थ सेंटर (SIHHC) में चार दिन बिताए। यह उनका निजी दौरा था जहां उन्होंने इस रिट्रीट सेंटर में अपना स्वास्थ्य उपचार कराया। यह यात्रा किंग चार्ल्स के सिंहासन संभालने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा थी।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला 27 अक्टूबर को समोआ देश में आयोजित 2024 राष्ट्रमंडल सरकारों के प्रमुखों की बैठक में भाग लेने के बाद सीधे बेंगलुरु पहुंचे थे। उनकी यह यात्रा पूरी तरह निजी थी और इसमें उन्होंने किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या बैठक में हिस्सा नहीं लिया। बता दें कि ब्रिटेन के राजा चार्ल्स कैंसर से पीड़ित हैं। 5 फरवरी, 2024 को बकिंघम पैलेस ने एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की थी। कैंसर डायग्नोस होने के बाद चार्ल्स की यह पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा है।
कहा जा रहा है कि इसी संबंध में उन्होंने वेलनेस रिट्रीट के लिए SIHHC का दौरा किया और अपना इलाज कराया। सावक्या की वेबसाइट के मुताबिक यह 30 एकड़ का ऑर्गेनिक फार्म है। सावक्या आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी विभिन्न पारंपरिक और प्राकृतिक चिकित्सा प्रणालियों को एकसाथ उपलब्ध करता है।
वेलनेस रिट्रीट में शारीरिक, मानसिक, और भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। वेलनेस रिट्रीट में, आमतौर पर प्राकृतिक परिवेश में, ध्यान, स्वस्थ भोजन, और स्पा थेरेपी जैसी गतिविधियां होती हैं। इन रिट्रीट में, आप अपने व्यक्तिगत कल्याण के लिए समर्पित हो सकते हैं और निवासी विशेषज्ञों से मार्गदर्शन ले सकते हैं।
ब्रिटेन के राजा का हर दिन सुबह योग से शुरू होता था, उसके बाद नाश्ता और पुनर्जीवन उपचार होते थे। दोपहर के भोजन के बाद आराम और फिर से उपचार का दौर चलता था, जो ध्यान सत्र के साथ समाप्त होता था। रात का भोजन करने के बाद रात 9 बजे दिनचर्या का अंत हो जाता था। किंग चार्ल्स ने पहले भी स्वास्थ्य के प्रति अपने प्रेम को दर्शाते हुए पिछले एक दशक में इस केंद्र का नौ बार दौरा किया है। इनमें से तीन यात्राओं के दौरान उन्होंने सावक्या सेंटर में दीपावली का उत्सव भी मनाया है।