गोरखपुर में आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में देरी के मामले में जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने कड़ा रुख अपनाया है। कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम कृष्णा करुणेश ने जहां बेसिक शिक्षा अधिकारी का वेतन रोक दिया है, वहीं, क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी रविंद्र कुमार को जारी नोटिस में कहा गया है कि लापरवाही के चलते से लंबित प्रकरण डिफाल्टर की श्रेणी में शामिल हो गया है।
पत्र के अनुसार सूरजकुंड के रहने वाले रामबालक ने आईजीआरएस पोर्टल पर 20 अक्तूबर को एक शिकायत की थी। क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी ने शिकायत के मामले को नजरअंदाज करते हुए एक माह से अधिक का समय व्यतीत कर दिया लेकिन शिकायत निस्तारण में रुचि नहीं दिखाई। इस पर प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी में शामिल हो गया। शासन ने डिफाल्टर मामले कोगुणत्तपूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। इसके बाद भी शिकायत निस्तारित नहीं हुई। इस पर डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कहा है कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में रुचि नहीं ली जा रही है। जबकि, आईजीआरएस प्रकरणों का निस्तारण शासन की प्राथमिकताओं में हैं। ऐसे में तीन दिनों के अंदर लिखित जवाब नहीं मिलता है, तो कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बीएसए रमेन्द्र प्रताप सिंह को जारी पत्र में कहा गया है कि रामरेखा सिंह इंटर कालेज, उरुवा बाजार, गोरखपुर में दो अधिकारियों द्वारा मध्यान्ह भोजन में की गई जांच के सम्बन्ध में बीएसए को अग्रिम कार्रवाई के लिए जांच अग्रसारित की गई थी। समयसीमा बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं आई।
दोबारा समय दिए जाने के बाद भी बीएसए की रिपोर्ट नहीं मिली। इसके चलते प्रकरण डिफाल्टर की श्रेणी में चला गया। जिलाधिकारी ने लापरवाही को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।