स्पोर्ट्स बाइक से बिना हेलमेट के रेस लगा रहे व्यवसायी की हादसे में मौत,

लखनऊ में लोहिया पथ पर स्पोर्ट्स बाइक से रेस लगा रहे 32 वर्षीय व्यवसायी मोहम्मद वाहिद की मंगलवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। वह दोस्तों के साथ हजरतगंज से पार्टी करके घर जा रहे थे। इस बीच दोस्तों संग रेस लगाने लगे डीजीपी आवास कट के पास आगे चल रहे दोस्त की मोटरसाइकिल के पिछले पहिए से उनकी बाइक भिड़ गई। इसके बाद अनियंत्रित होकर वाहिद चेक पोस्ट पर लगे बैरियर से टकरा कर सिर के बल सिर सड़क पर गिर गए थे। सिर फटने से वाहिद की मौत हो गई।

वाहिद ने हेलमेट सिर पर लगाने के बजाए पीछे बाइक पर बांध रखा था। पोस्टमार्टम में भी वाहिद की मौत का कारण हेड इंजरी आया है। पोस्टमार्टम करने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक अगर वाहिद हेलमेट लगाए होते तो शायद उनकी जान बच जाती। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिवारीजन के मुताबिक वाहिद गोमतीनगर उजरियांव के रहने वाले थे। उन्होंने बताया वाहिद पुराने एसी की खरीद फरोख्त का काम करते थे। उनका मेंटीनेंस कराकर बेचते थे।

इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के मुताबिक वाहिद कुछ दोस्तों के साथ हजरतगंज गए थे। वहां पार्टी की खाना खाया। वाहिद अपनी स्कूटी से थे, जबकि दोस्त अपनी बाइक से थे। देर रात लौटते समय वाहिद ने अपने दोस्त की स्पोर्ट्स बाइक ले ली, स्कूटी एक दोस्त को दे दी थी। वह बाइक चला रहे थे। वापस घर जाते समय दोस्तों के साथ लोहिया पथ पर रेस लगाने लगे थे। साथी आगे और पीछे चल रहे थे। जिस समय वाहिद की बाइक आगे चल रहे साथी की मोटरसाइकिल के पिछले पहिए से भिड़ी उस समय 80 से अधिक रफ्तार थी। भिड़ंत के बाद बाइक अनियंत्रित हो गई और वाहिद सड़क पर गिरे। उनका सिर बैरियर से टकरा गया था। परिवारीजन ने पूछताछ में बताया कि वाहिद के परिवार में उनकी पत्नी अमरीन और दो बच्चे हैं।

इंस्पेक्टर ने बताया कि हादसे के बाद वाहिद के दोस्त मौके से भाग गए थे। राहगीरों की सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस घायल वाहिद को सिविल अस्पताल लेकर पहुंची थी। पास से मिले मोबाइल से उनके परिवारीजन को सूचना दी। इसके बाद परिवारीजन अस्पताल पहुंचे।

रोड सेफ्टी एक्सपर्ट सय्यद एहतेशाम के मुताबिक बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन कतई न चलाएं। 80 फीसद सड़क हादसे हेड इंजरी के कारण होते हैं। इसके मुख्य कारण दो पहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट न पहनना है। हेलमेट घटिया अथवा सस्ता कतई न लें। वह मानक के अनुरूप होना चाहिए।

– हेलमेट बीआइएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) होना चाहिए।

– अथवा आईएसआई मार्का और 4151 स्टैंडर्ड का होना चाहिए।

– हेलमेट की स्ट्रिप अवश्य बांधे। बिना स्टिप बांधे हेलमेट कतई न चलाएं।

– हेलमेट पहनते समेय ठुड्ढी और स्ट्रिप में एक अंगूठे का गैप अवश्य होना चाहिए।

– हेलमेट टूटा-फटा नहीं होना चाहिए। उसके अंदर का कुसन ठीक होना चाहिए।

– हेलमेट को तीन से चार साल में अवश्य बदल देना चाहिए। अगर वह सही हो तब भी।

राहगीरों के मुताबिक डीजीपी आवास कट चेक पोस्ट पर लगे बैरियर पर रिफ्लेक्टर नहीं लगा था। इस कारण रात में वह दिखाई नहीं देता है। इसके साथ ही जहां बाइक भिड़ी है वहां लाइट भी कुछ कम है। उधर, हादसे के बाद ट्रैफिक पुलिस ने बैरियर सड़क के किनारे कर दिए।

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