CBI को मिली मंजूरी PMLA केस में भी चलेगी; ED का जवाब सुन अदालत ने निपटाई केजरीवाल की याचिका

ईडी ने शनिवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की याचिका के जवाब में कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई को मिली मंजूरी मनी लॉन्ड्रिंग मामले के लिए भी पर्याप्त है। यह न केवल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत अपराधों को कवर करने के लिए पर्याप्त है वरन उसी तथ्यों से जुड़े अन्य संभावित अपराधों को भी कवर करती है। बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उनके खिलाफ ईडी मामले में मंजूरी के आदेश की प्रति नहीं मिली है।

दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंजूरी की कमी का हवाला देते हुए कथित आबकारी नीति मामले में ईडी की अभियोजन शिकायतों पर संज्ञान लेने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में दलील दी गई है कि ट्रायल कोर्ट के जज ने अपने आदेश में याचिकाकर्ता के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सीआरपीसी की धारा 197(1) के तहत पूर्व मंजूरी प्राप्त किए बिना पीएमएलए की धारा 3 के तहत अपराध का संज्ञान लेने में गलती की।

बीते 21 नवंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की उक्त याचिका पर नोटिस जारी किया था। हालांकि, जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की पीठ ने इस चरण में मुकदमे की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं लगाई थी। न्यायालय ने मामले की सुनवाई 20 दिसंबर को निर्धारित की है। इसमें ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका पर विचार किया जाएगा।

इस मसले पर राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत में भी सुनवाई हुई थी। इसमें केजरीवाल के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट की एक सुनवाई का हवाला देते हुए कहा गया था कि ईडी की ओर से पेश होने वाले सॉलिसिटर जनरल ने कहा था कि चार्जशीट दाखिल करते समय जरूरी मंजूरी प्राप्त कर ली गई थी। केजरीवाल की ओर से पेश हुए अधिवक्ता मुदित जैन का कहना था कि चार्जशीट के साथ जो कागजात उपलब्ध कराए गए थे उनमें जरूरी मंजूरी की कोई प्रति नहीं थी।

राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत में हुई पिछली सुनवाई में अरविंद केजरीवाल की ओर से पेश वकील ने अदालत से ईडी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिए जाने की मांग की थी। इस पर ईडी से जवाब मांगा गया था। ईडी ने अपने जवाब में साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई को मिली मंजूरी PMLA केस यानी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले के लिए भी पर्याप्त है। इस तरह ईडी की दलीलों पर विचार करने के बाद राउज एवेन्यू स्थित न्यायमूर्ति कावेरी बावेजा की अदालत ने केजरीवाल की याचिका का निपटारा कर दिया है।

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