डॉ. संदीप घोष पर सीबीआई का फंदा लगातार कसता जा रहा है.

कोलकाता की ट्रेनी डॉक्टर की हत्या और रेप के मामले में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष पर सीबीआई का फंदा लगातार कसता जा रहा है. गुरुवार को भी सीबीआई ने संदीप घोष से 12 घंटे तक पूछताछ की और इस जघन्य अपराध से जुड़े तमाम सवाल पूछे.

सीबीआई अब तक संदीप घोष से 7 दिनों करीब 9 घंटे की पूछताछ कर चुकी है और आज एक बार फिर संदीप घोष कोलकाता स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंचे हैं. इस बीच उन्हें करीब एक घंटे के लिए सियालदह कोर्ट ले जाया गया. सूत्रों की मानें तो अभी भी संदीप घोष से कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं

सूत्रों के मुताबिक, घोष से पूछा गया कि क्या उन्होंने मृतका का पोस्टमार्टम आरजी कर मेडिकल कॉलेज में कराने पर जोर दिया था? क्या कहीं और इसकी अनुमति नहीं दी थी. डॉ. संदीप घोष से सीबीआई की पूछताछ जिन सवालों के इर्द-गिर्द घूम रही है, वो कुछ तरह हैं- 

आपको अपने अस्पताल में किसी डॉक्टर की हत्या होने की जानकारी कब और किससे मिली?
जब आपको पता चला कि आपके अस्पताल में एक महिला डॉक्टर की हत्या हुई है, तो आपने क्या किया?
आपको जब महिला डॉक्टर की मौत के बारे में बताया गया था, उसके बाद आप कहां गए और क्यों गायब हो गए?
क्या आपने यह जानने की कोशिश करी कि पीड़िता में जान बची है या नहीं?. जब मौत आपके अपने अस्पताल परिसर में हुई, तो आपने तुरंत पुलिस से एफआईआर दर्ज करने के लिए क्यों नहीं कहा?
एक अस्पताल के प्रमुख और अनुभवी व्यक्ति के रूप में, आप अपराध स्थल की रक्षा के लिए प्रोटोकॉल जानते हैं. आपने अपराध स्थल (Crime Scene) की रक्षा के लिए कोई उपाय क्यों नहीं किया?
मौत की खबर मिलने के के बाद आपने किस-किससे बात की?
आपको आरोपी संजय रॉय के बारे में कैसे पता चला?
क्या आप संजय रॉय से कभी मिले हैं या फोन पर बात की है?
जब अस्पताल में हत्या हुई, तो आपने अपराध स्थल के पास रिनोवेशन का काम की अनुमति क्यों दी?


गुरुवार को ही कोलकाता की एक विशेष अदालत ने  सीबीआई को डॉ. संदीप घोष और चार अन्य डॉक्टरों की ‘पॉलीग्राफ’ जांच कराने की अनुमति दे दी थी. सीबीआई ने घोष और नौ अगस्त को घटना के दिन ड्यूटी पर मौजूद रहे चार अन्य कनिष्ठ चिकित्सकों को विशेष अदालत के समक्ष पेश किया ताकि उनकी ‘पॉलीग्राफ’ जांच कराने की अनुमति मांगी जा सके

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने डॉक्टर से रेप और उसकी हत्या के मामले को दबाने का प्रयास किया था और जब तक केंद्रीय एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ली, तब तक अपराध स्थल पर छेड़छाड़ की जा चुकी थी.


 इन सबके बीच संदीप घोष की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं और हर रोज उनके खिलाफ नए फ्रंट खुलते जा रहे हैं. बुधवार को संदीप घोष को पहला बड़ा झटका तब लगा, जब हाईकोर्ट ने डॉ. घोष की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने अपने बारे में मीडिया में खबरें प्रसारित प्रकाशित-प्रसारित किए जाने पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी.

उसके बाद दूसरा बड़ा झटका बंगाल सरकार से लगा है. सरकार ने डॉ. घोष का ट्रांसफर ऑर्डर रद्द कर दिया है. इधर, कोलकाता पुलिस ने भी संदीप घोष पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है. पुलिस ने डॉ. घोष को अब मृतक महिला डॉक्टर की पहचान उजागर करने के मामले में तलब किया है. हालांकि, सीबीआई की पूछताछ के कारण पेश नहीं हो सके और दूसरी तारीख मांगी है.

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