राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अभी ठंड ने दस्तक नहीं दी है जबकि अक्टूबर खत्म होने की ओर है। IMD की मानें तो पहली नवंबर तक तापमान में किसी बड़ी गिरावट के संकेत नहीं हैं। दो नवंबर से तापमान में मामूली गिरावट के संकेत हैं। हालांकि मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जैसे ही कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा वैसे ही दिल्ली एनसीआर के मौसम में बड़ा नजर आएगा। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पॉलूशन से भी राहत मिलेगी।
मौसम विभाग की मानें तो कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों में अगले 24 घंटों के दौरान बारिश या हिमपात के आसार हैं। उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश देखी जा सकती है। इससे तापमान में गिरावट आने का अनुमान है। हालांकि मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ही मैदानी इलाकों के मौसम में बड़ी तब्दीली नजर आएगी। फिर भी इससे ठंड बढ़नी शुरू हो जाएगी।
हालांकि, इस हफ्ते दिल्ली एनसीआर में बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, पहली नवंबर तक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं न्यूनतम तापमान 19 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास देखा जा सकता है। दो नवंबर से दिल्ली एनसीआर के तापमान में मामूली गिरावट आने की संभावना है।
इसके बाद से दिल्ली एनसीआर के मौसम में बदलाव आने की उम्मीद है। IMD के मुताबिक, दो और तीन नवंबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जा सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 17 और 18 डिग्री सेल्सियस देखा जा सकता है।
मौसम विभाग ने 29 से 31 अक्टूबर के दौरान सुबह के वक्त धुंध छाए रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। इस बीच लोगों को दीवाली के दौरान गंभीर स्तर के प्रदूषण का सामना करना पड़ सकता है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली की मानें तो अगले दो दिनों के दौरान हवा की गति सुस्त रहने से पॉलूशन में बढ़ोतरी देखी जाएगी। 30 अक्तूबर को एक्यूआई के 400 पार यानी गंभीर श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है। यदि ऐसा हुआ तो ग्रैप का तीसरा चरण लगाना पड़ सकता है।