भारत का पहला निजी कंपनी का हाईब्रिड पुन:प्रयोज्य (री-यूजेबल) रॉकेट रूमी-1 इस शनिवार को लॉन्च होगा। गगन यान का परीक्षण भी इस माह के अंत में किया जाएगा। हाल ही में चंद्रयान-3 सैटेलाइट से पता चला है कि चांद की सतह के भीतर भी हेवी मेटल्स हैं।
ये जानकारी गुरुवार को उज्जैन आए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक डॉ. पुनीत स्वरूप ने यहां के विद्यार्थियों से साझा की। वे कालिदास संस्कृत अकादमी में शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय द्वारा रखे कार्यक्रम में विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे थे।
उन्होंने चंद्रयान-3 और आगामी गगन यान मिशन की जानकारी भी दी। कहा कि अंतरिक्ष यात्री मानव-रोबोट ‘व्योममित्र’ को गगन यान अंतरिक्ष में ले जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत अब दूसरे देशों को सहयोग करने की स्थिति में आ गया है।