छत्तीसगढ़ को मिला नया सूचना नेतृत्व: लोकभवन में मुख्य सूचना आयुक्त व राज्य सूचना आयुक्तों ने ली शपथ

मुख्य सूचना आयुक्त शपथ ग्रहण


रायपुर लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह: सूचना आयोग को मिला नया नेतृत्व

छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और सूचना के अधिकार को और मजबूत करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। रायपुर स्थित लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित गरिमामय समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त अधिकारियों ने अपने पद और गोपनीयता की शपथ ली।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने नव नियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन तथा राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश कुमार अग्रवाल और डॉ. शिरीष चंद्र मिश्रा को पद की शपथ दिलाई। शपथ प्रक्रिया को मुख्य सचिव श्री विकास शील ने विधिवत पूर्ण कराया।


कौन-कौन हुए नियुक्त?

नए पदाधिकारियों का संक्षिप्त परिचय:

  • 🏛️ मुख्य सूचना आयुक्त: श्री अमिताभ जैन
    • सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी
    • छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव
  • 📑 राज्य सूचना आयुक्त: श्री उमेश कुमार अग्रवाल
    • सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी
  • 📰 राज्य सूचना आयुक्त: डॉ. शिरीष चंद्र मिश्रा
    • पत्रकारिता जगत से जुड़े वरिष्ठ व्यक्तित्व

इन नियुक्तियों को सूचना आयोग के लिए अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक दृष्टिकोण का संतुलित मेल माना जा रहा है।


समारोह में रही विशिष्ट उपस्थिति

शपथ ग्रहण समारोह में राज्य शासन, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े कई वरिष्ठ और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:

  • श्री टंकराम वर्मा – मंत्री, राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण, आपदा प्रबंधन
  • श्री गुरू खुशवंत साहेब – मंत्री, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं अनुसूचित जाति विकास
  • श्री पुरंदर मिश्रा – विधायक
  • श्री अरूण देव गौतम – पुलिस महानिदेशक
  • डॉ. सी.आर. प्रसन्ना – सचिव, राज्यपाल
  • श्री सुबोध सिंह – सचिव, मुख्यमंत्री
  • श्री गिरिधारी नायक – कार्यवाहक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग

इसके अलावा राज्य सूचना आयोग के वर्तमान एवं पूर्व आयुक्त, सचिवगण, प्रमुख सचिव, विभागीय अधिकारी और गणमान्य नागरिक भी समारोह में उपस्थित रहे।


सूचना आयोग की भूमिका क्यों है अहम?

छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग की भूमिका लोकतंत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि:

  • 🔍 नागरिकों को सूचना का अधिकार सुनिश्चित करता है
  • 🏢 प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाता है
  • ⚖️ सूचना से जुड़े विवादों का निष्पक्ष निपटारा करता है
  • 🧭 सुशासन को मजबूती प्रदान करता है

नए पदाधिकारियों के अनुभव से आयोग के कार्यों में गति और प्रभावशीलता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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