रायपुर. छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने 27 सितंबर से 2 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा का आयोजन करने की घोषणा की है। इस यात्रा की शुरुआत परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि गिरौदपुरी से होगी और समापन राजधानी रायपुर के गांधी मैदान में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर होगा। यह पदयात्रा 125 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 6 दिन चलेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने रायपुर के राजीव भवन में एक पत्रकार वार्ता के दौरान यात्रा के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रही हत्या, लूट, डकैती और महिलाओं के प्रति अपराध की घटनाओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को बिगाड़ दिया है। इस न्याय यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन घटनाओं के खिलाफ जनता की आवाज बुलंद करना है।
इस यात्रा के दौरान कांग्रेस निम्नलिखित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगी:
- छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराध और महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचार का विरोध।
- बलौदाबाजार में निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी और सतनामी समाज के नेताओं की रिहाई की मांग।
- कवर्धा के लोहारीडीह में साहू समाज के 3 युवाओं की हत्या और प्रशांत साहू की मौत की न्यायिक जांच की मांग।
दीपक बैज ने कहा कि गिरौदपुरी धाम, जहां से यात्रा की शुरुआत होगी, बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि है, जिन्होंने समानता और भाईचारे का संदेश दिया था। कांग्रेस इस यात्रा के माध्यम से समाज में एकता और अपराधमुक्त छत्तीसगढ़ की परिकल्पना कर रही है, जहां हर व्यक्ति सुरक्षित हो।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 9 महीनों में राज्य में अत्याचार और हत्याओं की घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य इन घटनाओं के खिलाफ जनता को जागरूक करना और प्रदेश में सौहार्दपूर्ण वातावरण को बहाल करना है।
इस पत्रकार वार्ता में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता जैसे धनेन्द्र साहू, डॉ. शिवकुमार डहरिया, गुरू रूद्र कुमार, और अन्य प्रमुख नेता उपस्थित थे। सभी नेताओं ने इस यात्रा में भाग लेने का संकल्प जताया और इसे सफल बनाने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा प्रदेश में कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय के लिए एक बड़ी पहल मानी जा रही है, जिसका असर आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
Share