मुख्यमंत्री डॉ. यादव का रेल सुविधाओं पर बयान: नई रेल योजनाओं से मध्यप्रदेश को मिलेगा बड़ा लाभ

नई रेल योजनाएं मध्यप्रदेश


मध्यप्रदेश में रेल सुविधाओं का विस्तार, नए रेल प्रोजेक्ट से राज्य को मिलेगा बड़ा फायदा

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को लगातार नई रेल सेवाओं और सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। प्रदेश की राजधानी भोपाल से ऊर्जा राजधानी सिंगरौली तक अब सप्ताह के सातों दिन सीधी रेल सेवा प्रारंभ हो रही है। यह सेवा न केवल मध्यप्रदेश के यात्रियों के लिए, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी फायदेमंद होगी।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को भोपाल के मुख्य रेलवे स्टेशन से भोपाल-धनबाद-चौपन एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सिंगरौली, तीन दिन धनबाद और एक दिन चौपन तक जाएगी। इस ट्रेन का रूट बीना-सागर-मुड़वारा होकर होगा।

नई रेल योजनाओं से विकास को गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नई ट्रेन सेवा प्रदेश के पर्यटन, व्यापार और खनन क्षेत्रों के लिए बड़ी सौगात है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने जबलपुर-गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी है, जो प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार को और भी मजबूत करेगा। इसके पहले इंदौर-मनमाड रेल लाइन और सिंहस्थ के दृष्टिगत कई नई योजनाओं की शुरुआत हुई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मध्यप्रदेश में अब विदेशों जैसी आधुनिक रेल सुविधाएं विकसित हो रही हैं। रेल बजट में प्रदेश को 24 गुना अधिक बजट मिला है, और प्रदेश के 80 स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है।”

महाकौशल क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद

मुख्यमंत्री ने जबलपुर-गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन, धार्मिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह क्षेत्र जहां कभी नक्सलवाद की चपेट में था, वहां अब सुगम यातायात से विकास को नई गति मिलेगी।

केन्द्रीय रेल मंत्री की टिप्पणी

केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर कहा कि स्वतंत्रता के बाद से भोपाल-सिंगरौली क्षेत्र के बीच रेल सेवा की मांग उठ रही थी, और अब वह पूरी हो रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रेल सुविधाओं का विस्तार राज्य की औद्योगिक विकास को गति देगा। आने वाले समय में इंदौर-मनमाड रेल लाइन और जबलपुर-गोंदिया रेल लाइन जैसे प्रोजेक्ट्स से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।

प्रधानमंत्री मोदी के विजन से विकास की नई दिशा

रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि दानकुनी-सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर 2,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबा रेल प्रोजेक्ट है, जो पश्चिम बंगाल से गुजरात तक जाएगा। इससे पश्चिमी भारत और मध्यप्रदेश के कनेक्टिविटी में सुधार होगा। यह परियोजना मध्यप्रदेश के उद्योगों के लिए भी फायदेमंद होगी, और आयात-निर्यात में भी आसानी होगी।

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