डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा
डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा और साइबर अपराध: मुख्य सचिव का संदेश
रायपुर। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 100वीं तिमाही बैठक मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में संपन्न हुई। बैठक में साइबर अपराध, डिजिटल लेन-देन और बैंकिंग सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही बैंकिंग नेटवर्क में सुधार, सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ और ऋण वितरण को सरल बनाने के निर्देश दिए गए।
🏦 बैठक के मुख्य बिंदु
- बैंक नेटवर्क की समीक्षा: राज्य के विभिन्न जिलों में बैंकिंग सुविधा की स्थिति की जानकारी दी गई।
- क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात: अब राज्य का औसत राष्ट्रीय स्तर के समकक्ष पहुँच गया।
- डिजिटल जागरूकता: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश।
- उद्गम पोर्टल: कई वर्षों से बैंकों में पड़ी राशि का पता लगाने और लाभार्थियों तक पहुँचाने पर जोर।
- आधार लिंकिंग: सभी बैंक खातों को आधार से जोड़ने के निर्देश, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी रूप से मिल सके।
🔒 साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता
मुख्य सचिव ने डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि:
- शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी जागरूकता अभियान चलाएं।
- आमजन को डिजिटल अपराधों के प्रति सतर्क किया जाए।
- बैंक खातों की सुरक्षा और लेन-देन को सुरक्षित बनाना प्राथमिकता हो।
💰 बैंकिंग सुविधाओं और जनहित योजनाएँ
- ऋण वितरण में सुधार: पात्र हितग्राहियों को सरल और तेज़ प्रक्रिया से ऋण उपलब्ध कराना।
- ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग सुविधा: बस्तर सहित अन्य क्षेत्रों में सेवाएँ बढ़ाना।
- जन-धन, PMJJBY, PMSBY, APY, किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना।
- वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान: अब तक 11,680 शिविरों का आयोजन, ग्रामीणों और महिला स्वयं सहायता समूहों तक सुविधा पहुँचाई गई।
📌 बैठक में शामिल महत्वपूर्ण पक्ष
- भारतीय रिजर्व बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, नाबार्ड सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि
- राज्य शासन के अधिकारी और बैंकर्स
- राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के अन्य सदस्य