दुनिया की सबसे ताकतवर, सबसे ज्यादा रेंज वाली लैंड बेस्ड मिसाइल फोर्स चीन के पास है. ताइवान के साथ वह लगातार संघर्ष कर रहा है. ताइवान को कब्जा करने की कोशिश है. अगर चीन चाहे तो अपनी मिसाइलों की मार से ही ताइवान को कुछ ही मिनटों में पूरा खत्म कर सकता है. जिसे ताइवान या अमेरिका रोक भी नहीं पाएंगे.
चीन ने इस फोर्स को ताइवान के खिलाफ तैनात करके रखा है. जिसका इस्तेमाल वह कभी भी कर सकता है. इस फोर्स का पूरा नाम है पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स (People’s Liberation Army Rocket Force – PLARF). चीन ने इसे 58 साल पहले बनाया था. तब इसका नाम सेकेंड आर्टिलरी कॉर्प्स था. इस फोर्स में जमीन से मार करने वाली मिसाइलों को ही शामिल किया गया है.
खास तौर से बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें. जो पारंपरिक और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं. इस फोर्स में कम दूरी से लेकर लंबी दूरी तक की बैलिस्टिक मिसाइल तो हैं ही. अत्याधुनिक हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल डॉन्गफेंग-ZF (DF-ZF) हथियार भी है.
चीन की इस फोर्स में सिर्फ मिसाइलें ही ज्यादा नहीं है. बल्कि 3 लाख सैनिक भी हैं. जो इन टैक्टिकल और स्ट्रैटेजिकल मिसाइलों को संभालते हैं. उन्हें दागने के लिए तैयार बैठे हैं. चीन की इस फोर्स के पास 320 न्यूक्लियर हथियार हैं. इनमें से कितने एक्टिव हथियार हैं, इसका खुलासा नहीं है.
DF-ZF यानी डॉन्गफेंग-जेडएफ. यह 1500 km की रेंज वाली हाइपरसोनिक मिसाइल है. जो कुछ ही सेकेंड में भयानक तबाही मचा सकती है. फिलहा इसमें न्यूक्लियर वेपन की डिटेल नहीं है. कितने लॉन्चर्स हैं, उसकी जानकारी भी नहीं हैं. लेकिन इसकी गति ही इसे बेहद खतरनाक बनाती है.