चिरायु योजना ने लौटाई मासूम रंजना की मुस्कान, शासन ने दिया निःशुल्क इलाज
चिरायु योजना निःशुल्क इलाज
चिरायु योजना ने रंजना की जिंदगी में खुशियाँ लौटाई
रायपुर: चिरायु योजना और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार ने जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों के इलाज का जिम्मा लिया है। इस योजना के तहत बच्चों को न केवल आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, बल्कि इलाज का खर्च भी पूरी तरह से सरकार द्वारा उठाया जाता है। हाल ही में, बस्तर जिले के एक छोटे से गाँव की मासूम बच्ची रंजना को इस योजना का लाभ मिला, जिसने उसकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया।
रंजना का जन्म बकावण्ड ब्लॉक के ग्राम जामगुड़ा (धनपुर) में हुआ था। जन्म के समय ही उसे कटे होंठ (कलेफ्ट लिप) की समस्या थी, जो उसके माता-पिता के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गई थी। जैसे-जैसे रंजना बड़ी हो रही थी, उसकी स्थिति के कारण परिवार को उसकी शिक्षा, समाज में स्वीकार्यता और भविष्य को लेकर डर सता रहा था। आर्थिक तंगी के कारण निजी अस्पतालों में इलाज कराना उनके लिए संभव नहीं था, जिससे वे बेहद निराश थे।
चिरायु योजना से मिली मदद
महेश भारती और उनकी पत्नी की निराशा तब खत्म हुई, जब चिरायु दल की टीम 19 जून 2025 को उनके गाँव के आंगनबाड़ी केंद्र पहुँची। चिरायु टीम ने रंजना की स्थिति का सही समय पर आकलन किया और उसे जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में रेफर किया। इसके बाद रंजना को जिला स्वास्थ्य समिति के सहयोग से रायपुर के मेडिसाईन अस्पताल में भर्ती किया गया, जहाँ विशेषज्ञों ने उसका सफल ऑपरेशन किया।
सरकारी सहायता से ऑपरेशन
इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी राहत यह थी कि सभी खर्चे, जिसमें जाँच, ऑपरेशन, और अस्पताल में रहने की लागत शामिल थी, सरकार ने उठाए। इससे महेश भारती के परिवार को आर्थिक बोझ से मुक्त कर दिया गया, जो पहले निजी अस्पतालों में इलाज के खर्चों के बारे में सोच कर बहुत परेशान थे।
रंजना की मुस्कान और भविष्य की उम्मीदें
ऑपरेशन के बाद 13 फरवरी को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फॉलो-अप के लिए रंजना का परीक्षण किया और उसे पूरी तरह स्वस्थ पाया। रंजना के चेहरे पर आए इस परिवर्तन और उसकी खिलखिलाती मुस्कान ने माता-पिता के दिलों में सालों से पल रहे डर को समाप्त कर दिया। अब वे अपनी बेटी के भविष्य को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं।
चिरायु योजना का आभार
महेश भारती और उनकी पत्नी ने चिरायु योजना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सरकारी योजना उनके लिए वरदान साबित हुई। अब वे अपनी बेटी के सामान्य और सुनहरे भविष्य को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं।
चिरायु योजना के तहत ऐसे कई बच्चों को न केवल इलाज बल्कि एक नई जिंदगी मिल रही है, जिससे समाज में इन बच्चों की मान्यता और भविष्य को लेकर विश्वास भी बढ़ रहा है।