भारत के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट मास्टर के साथ एक आदेश के विवरण की जांच करने पर एक अधिवक्ता को जमकर फटकार लगाई. और कहा कि भेल ही मैं थोड़े वक्त के लिए ही सही, पर मैं अभी-भी इस अदालत का प्रभारी हूं. सीजेआई 10 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे.
मुख्य न्यायाधीश ने ये टिप्पणी तब की जब एक वकील ने बताया कि उन्होंने कोर्ट मास्टर के साथ मध्यस्थता आदेश के विवरण को क्रॉस-चेक किया था. इस पर सीजेआई ने कहा कि आपकी कोर्ट मास्टर से ये पूछने की हिम्मत कैसे हुई कि मैंने अदालत में क्या फैसला सुनाया? कल तुम मेरे घर में आएंगे और मेरे निजी सचिव से पूछेंगे कि मैं क्या कर रहा हूं क्या वकील अपना सेंस खो चुके हैं? मैं अभी-भी इस अदालत का प्रभारी हूं, भले ही कुछ वक्त के लिए. अदालत में ये मेरे आखिरी दिन हैं, इन मजेदार ट्रिक्स को दोबारा न आजमाएं.
इस हफ्ते की शुरुआत में सीजेआई ने लिस्टिंग के लिए अलग-अलग वकीलों द्वारा एक ही मामले का बार-बार उल्लेख करने की प्रथा पर भी नाराजगी जताई थी.
भारत के स्पष्ट रूप से नाराज मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “यह एक नई आदतें हैं. अलग-अलग वकील सूचीबद्ध करने के लिए एक ही मामले का उल्लेख करते हैं और एक बार जब न्यायाधीश गलती करते हैं तो आपको कुछ तारीखें मिल जाती हैं. यह वह प्रथा हैं जो हर रोज सामने आ रही हैं. सीजेआई के रूप में मेरे पास जो कुछ भी विवेकाधिकार हैं, लेकिन वो आपके पक्ष में नहीं होंगे. आप अदालत को हल्के में नहीं ले सकते. मेरी व्यक्तिगत विश्वसनीयता दांव पर है. मुझे सभी के लिए मानक नियमों का पालन करना होगा.
इससे पहले मुख्य न्यायाधीश ने पीठ को संबोधित करते वक्त अनौपचारिक शब्द में हां का इस्तेमाल करने के लिए एक याचिकाकर्ता की खिंचाई की थी और कहा कि ये एक कॉफी शॉप नहीं है. यहां हां-हां क्या है? मुझे इस, हां-हां से बहुत एलर्जी है. इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है.